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आज की परिस्थिति पर हमें करना विचार है ।

आज की परिस्थिति पर हमें करना विचार है,
देश में कितने ही युवा शिक्षित बेरोजगार है,
देश में हर तरफ धोखा धड़ी और काला बाजारी है,
राजनीति में बड़े बड़े पद पर भी बैठे निरक्षर ही है,
किसी के पास एक दिन का टर्नओवर ही 10 से 20 करोड़ है,
कोई बेचारा 10000 महीने में घर चलाने को मजबूर है,
दूध 80, पेट्रोल 110,गैस 1100 से भी ऊपर है,
स्कूल की एक कॉपी भी 100 रूपए से ऊपर है,
नौकरी में जाने के लिए युवा जो फॉर्म भरता है,
1000, 1500,या कभी कभी 2000 का फॉर्म भरता है,
करोडो युवा देश में बस नौकरी 200 या कभी 500 निकलती है,
उसमे भी एग्जाम की तारीख बार बार बदलती और हटती है,
अब तो कई युवा कर्ज से दबने लगे है,
महंगाई की मार से ख्वाब उनके बिखरने लगे है,
टीचर के लिए बी एड जरुरी, बैंकर के लिए कम्प्यूटर शिक्षा जरुरी,
तो फिर क्यों देश चलाने वालों के लिए शिक्षा और नैतिकता जरुरी,
ये कविता आज के हालत पर लिखने का मेरा प्रयास है,
जरुरत तो पैसे की सबको है तो क्यों किसी के पास करोड़ो,
और आम जनता के लिए अमीरो के आगे पीछे दोड़ो,
मेरा तो एक सुज़ाव है की शिक्षा फ्री हो, एग्जाम फॉर्म फ्री हो,
तो देश फिर से कर्ज मुक्त और शिक्षित होगा,
युवा अगर सफल और शिक्षित होगा तो देश हमारा विकसित होगा,
कर दो एक समान वेतन सबका तो देश सोने की चिड़िया फिर से निश्चित होगा |

रचनाकार : दीपिका मावर
स्थान : मन्दसौर (म. प्र )
स्वरचित 😊🙏😊

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