किसान नेता राकेश टिकैत पुर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का विरोध बीजेपी सरकार मे पुर्व केन्द्रीय मंत्री रहे संजीव बालयान को गृह प्रवेश मे न्योता
*ये रिश्ता क्या कहलाता है?*
आज जो किसान नेता दुष्यंत चौटाला पर किसान आंदोलन में साथ ना देने का आरोप लगा रहे हैं वो अपने ग्रह प्रवेश में भाजपा के उन नेताओं को तो घर बुलाते हैं जिनके काले कानूनों का विरोध करने पर शायद हमारे किसान भाइयों को वो दुख ना झेलना पड़ता जो इस केंद्र की भाजपा सरकार की वजह से देखना पड़ा।
आज तो ये बार बार दुष्यंत पर इल्जाम लगाते है जबकि सच्चाई तो ये है कि उन काले कानूनों को बनाने में दुष्यंत चौटाला का कोई योगदान ही नहीं था। पर अगर संजीव बलयान (पूर्व केंद्रीय मंत्री, भाजपा सरकार) जैसे लोग अगर तब उस कानून का विरोध करते तो शायद वो काले कानून बनते ही नहीं। परंतु आज ये लोग दुष्यंत चौटाला का तो विरोध कर रहे हैं और केंद्र सरकार में रहे मंत्रियों को अपने ग्रह प्रवेश का न्योता दे रहे हैं।
*जिसका काले कानून बनाने में कोई योगदान नहीं था उसका तो बहिष्कार ,*
*और जो किसान विरोधी काले कानून बनाने में सम्मिलित थे उसका घर बुलाकर करते हैं सत्कार।*