महादेईया (गोरवी) में स्थापित महावीर कोलवाशरी खुलेआम लखोटन इनवर्ट माल मिलाया जा रहा है
कॉल बांसरी अर्थात कोयलों को वाश या साफ सुथरा करने का लाइसेंस मतलब कोयला उत्खनन में उत्पादित कोयलों में मिट्टी पत्थर धूल होता है उसे साफ सुथरा करने के लिए कोल वासरी प्लांट लगाया जाता है....
परंतु कोयले में हजारों टन इनवर्ट मॉल यानी राखड भस्सी मिलकर कई प्लांट को बेचकर सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाया जा रहा है आवाज उठाने वाले को (मीठी गोली) जिसको हम बचपन में लेविंगचूस कहते थे देकर चुप कर दिया जाता है...
महादेईया (गोरवी) में स्थापित महावीर कोलवाशरी खुलेआम लखोटन इनवर्ट माल मिलाया जा रहा है जियो टैग वाली फोटो भी मेरे पास है जहां महीने में करोड़ों की हेरा फेरी होती है
बहरहाल सत्ता में पकड़ रखने वाले महावीर कोरवासरी के आका प्रशासन के संरक्षण में सफेद पोस बनाकर ईमानदारी का सर्टिफिकेट लेने में व्यस्त है।
हम आवाज तो सबूत के साथ अक्सर उठाएंग...
गोरख धंधा का काम करने वाले चोर कहलाएंगे....
जिले का सबसे बड़ा माफिया लखोटन इनवर्ट माल कोयले में मिलकर समाज सेवा एवं राजनीति का चोला पहनलोगों को बेवकूफ बना रहा है ।
एक ट्रेन (मालगाड़ी) में 58 डिब्बे होते हैं और एक रैक इनवर्ट मॉल 25 अप्रैल एक रैक 26 अप्रैल को आया है और कल 27 अप्रैल को भी सम्भवतः एक रैक इनवर्ट माल आएगा जिसे जिसे कोयल में मिलाकर बिजली संयंत्र बनाने वाले देश के कई नामी गिनामी संयंत्र को भेज दिया जाएगा और यह इनवर्ट मॉल यानी राखड़ को कोयले के रेट में बेच दिया जाएगा......
यानी करोड़ों का गेम एक रात में होता है....
जिला प्रशासन का रोल संदिग्ध है क्योंकि यह फोटोग्राफ जिओ टेक वाली है मेरा अनुभव है कार्रवाई होना बड़ा मुश्किल है ।