AAP पर बड़ा सियासी संकट! 7 राज्यसभा सांसद BJP में शामिल, पंजाब सरकार पर खतरा?
राज्यसभा में अब आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए मुश्किलों का दौर शुरू होता दिख रहा है। एक साथ सात सांसदों के भाजपा में शामिल होने की खबरों के बाद पार्टी की संख्या घटकर केवल तीन रह जाने की बात सामने आ रही है। इस घटनाक्रम ने न सिर्फ दिल्ली बल्कि पंजाब की राजनीति में भी हलचल तेज कर दी है।
इसी बीच, हरियाणा AAP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद ने बड़ा दावा किया है कि पंजाब में पार्टी के 28 विधायक एक साथ बगावत कर सकते हैं। उनका कहना है कि पार्टी के अंदर असंतोष अपने चरम पर है और कई नेता नेतृत्व से नाराज हैं।
जयहिंद ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी छोड़ने वाले कुछ सांसदों के साथ गलत व्यवहार किया गया, यहां तक कि मारपीट तक की नौबत आई। इन आरोपों ने AAP के अंदरूनी विवाद को और उजागर कर दिया है।
राजनीतिक हलचल तब और तेज हो गई जब राघव चड्ढा के भाजपा में शामिल होने की खबर सामने आई। उनके साथ स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, राजिंदर गुप्ता और विक्रम साहनी के भी भाजपा में जाने की बात कही जा रही है। इससे राज्यसभा में AAP की स्थिति काफी कमजोर होती दिख रही है।
वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बीच AAP नेतृत्व भी सक्रिय हो गया है। पार्टी के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया दिल्ली लौटकर सीधे अरविंद केजरीवाल से मिले। साथ ही पंजाब के मंत्री बलबीर सिंह ने भी दिल्ली में उनसे मुलाकात की और बीजेपी पर ‘ऑपरेशन लोटस’ चलाने का आरोप लगाया।
इन सभी घटनाओं के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या पंजाब में AAP सरकार पर खतरा मंडरा रहा है, या ये सिर्फ सियासी रणनीति का हिस्सा है?