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Mahtari Vandan Yojana: विष्णुदेव सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए सशक्तिकरण की मिसाल, आधी आबादी के सपनों को उतार रही धरातल पर, आत्मनिर्भर हो

Mahtari Vandan Yojana: छत्तीसगढ़ सरकार की अति महत्वकांक्षी योजनाओं में से एक है महतारी वंदन योजना। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के राज्य की सत्ता पर काबिज होने के बाद इस योजना की शुरुआत छत्तीसगढ़ में की गई है। योजना के धरातल पर आते ही महिलाओं के सपनों को पंख लगने शुरू हो गए हैं। यह भरोसे के साथ कह सकते हैं, राज्य सरकार की योजना, महिलाओं को अपने सपनों को धरातल पर उतारने और सतरंगी सपने देखने की पूरी आजादी दे रही है।

CG Mahatari Vandan Yojna News: रायपुर। बलौदाबाजार जिले की़े प्रमिला चक्रधारी और उनकी बहू लीना चक्रधारी ने महतारी वंदन योजना योजना से मिली राशि का सदुपयोग करते हुए मिट्टी के बर्तन बनाना शुरू किया। इससे सास-बहू की महीने की सात-से-आठ हजार रुपए आमदनी होने लगी। यह योजना अब सिर्फ आर्थिक सहायता ही नहीं बल्कि सास-बहू दोनों के जीवन में आत्मसम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक बन गई। छत्तीसगढ़ में प्रमिला और लीना चक्रधारी जैसी 68 लाख से अधिक महिलाओं ने महतारी वंदन से मिले पैसों का उपयोग करते हुए सम्मानपूर्वक अपना जीवनयापन कर रही हैं।

बता दें, छत्तीसगढ़ सरकार की अति महत्वकांक्षी योजनाओं में से एक है महतारी वंदन योजना। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के राज्य की सत्ता पर काबिज होने के बाद इस योजना की शुरुआत छत्तीसगढ़ में की गई है। योजना के धरातल पर आते ही महिलाओं के सपनों को पंख लगने शुरू हो गए हैं। यह भरोसे के साथ कह सकते हैं, राज्य सरकार की योजना, महिलाओं को अपने सपनों को धरातल पर उतारने और सतरंगी सपने देखने की पूरी आजादी दे रही है।

NPG.NEWS ने ग्राउंड जीरो पर जाकर योजना की पड़ताल की। हकीकत ये है, योजनाओं से ना केवल महिलाओं को अपने सपनों को हकीकत का रंग देने में सहयोग बन रही है, साथ ही स्वावलंबन और सशक्तीकरण की दिशा में भी इसे मील का पत्थर का माना जा रहा है। छत्तीसगढ़ की सरकार योजनाओं से लाभान्वित हो रही 68 लाख से अधिक महिलाओं के लिए बैंक खाते में महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने एक हजार रुपये की राशि बिना नागा किए जमा करा रही है। इसका सीधा और सकारात्मक असर लाभान्वित होने वाली महिलाओं और उनके परिवार पर पड़ रहा है। इसे स्वावलंबन कहें या आत्मनिर्भरता की कहानी। आप नाम चाहे जो लें या दें-दें। महिलाएं सशक्त हो रही हैं, उनके और परिवार के सदस्यों के जीवन स्तर में बदलाव आ रहा है, यही बदलाव महिलाओं में आत्मविश्वास भी जगा रहा है। यही आत्मविश्वास महिलाओं को स्वरोजगार की ओर प्रेरित कर रही है।

भारती साहू

आत्मनिर्भरता की बन रही जरिया

ग्राउंड जीरो से जो रिपोर्ट सामने आ रही है, इससे साफ है, महतारी वंदन योजना 68 लाख से अधिक महिलाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता का जरिया बनी है, छोटे व्यवसाय (सिलाई, बकरी पालन, किराना दुकान) शुरू कर रही हैं और अपने बच्चों की शिक्षा व स्वास्थ्य पर खर्च कर रही हैं। यह योजना ग्रामीण और दिव्यांग महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आत्मनिर्भर भी बना रही है। जब महिलाएं आत्मविश्वास से लबरेज हों और आत्मनिर्भरता की कहानी सरकारी योजनाओं के लिए लिख रही हों तब तो यह कहा जा सकता है, परिवार की खुशहाली में सरकार का बड़ा योगदान है और इस योजना के सहारे महिलाएं अपने सपनों को सुनहरी रंग भरने में कामयाब भी हो रही हैं। महिला सशक्तीकरण की इतनी चमकदार तस्वीर और कहीं देखने को नहीं मिलेगी।

प्रमिला

स्वरोजगार की ओर बढ़ते कदम

महतारी वंदन योजना का सबसे सकारात्मक पहलू यह है, महिलाएं इस सहायता राशि का सदुपयोग कर छोटे-छोटे व्यवसाय प्रारंभ कर रही हैं। जांजगीर-चांपा जिले के चांपा नगर के वार्ड क्रमांक 02 की निवासी उर्मिला यादव ने हर माह मिलने वाली राशि को बचाकर आर्टिफिशियल गहनों का व्यवसाय शुरू किया। आज वे घर से तथा साप्ताहिक हाट-बाजारों में गहनों का विक्रय कर प्रतिमाह लगभग 2,000 रुपये की अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर रही हैं।

चांपा की ज्योति कसेर ने योजना की सहायता से पापड़ व्यवसाय प्रारंभ किया, जिससे उन्हें प्रतिमाह लगभग 5,000 रुपये का लाभ हो रहा है। इससे वे अपने परिवार की शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को सहजता से पूरा कर पा रही हैं। ग्राम सरहर की सुमित्रा कर्ष ने श्रृंगार सामग्री की दुकान शुरू कर लगभग 1,000 रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त आय अर्जित की, जबकि कुसुम देवी पाण्डेय ने अपनी श्रृंगार दुकान का विस्तार कर अब हर महीने 2,000 रुपये का मुनाफा प्राप्त कर रही हैं।

गरीब परिवारों के जीवन में ला रहा स्थायित्व

योजना मजदूरी और सीमित आय पर निर्भर परिवारों के लिए भी आर्थिक सुरक्षा का आधार बन रही है। कबीरधाम जिले के ग्राम मझगांव की निवासी सतरूपा गंधर्व, जो मजदूरी पर निर्भर परिवार से हैं, को अब तक योजना के तहत 23 किश्तों में 23,000 रुपये प्राप्त हो चुके हैं। वे बताती हैं कि इस राशि से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जरूरतें और व्यक्तिगत आवश्यकताएं आसानी से पूरी हो पा रही हैं। नियमित सहायता से अब वे कुछ बचत भी कर पा रही हैं, जिससे आकस्मिक खर्चों की चिंता समाप्त हो गई है।बलरामपुर जिले के ग्राम रघुनाथनगर की साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली ओमलता भी इस योजना से लाभान्वित होकर स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ी हैं।

सास-बहू के जीवन में महतारी वंदन योजना आत्मसम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक बना

बलौदाबाजार जिला के ग्राम अर्जुनी में निवासरत कुम्हार समाज से जुड़े प्रमिला चक्रधारी और उनकी बहू लीना चक्रधारी के लिए महतारी वंदन योजना किसी वरदान से कम नही है। प्रमिला ने इस योजना से मिली राशि का उपयोग मिट्टी के बर्तन बनाने के लिए ज़रूरी समान खरीदने में करती है वहीं लीना ने इस राशि का उपयोग अपने घर को बेहतर ढंग से चलाने में करती है, जिससे घर की छोटी-छोटी ज़रूरतें पूरी हो रही है। यह योजना अब सिर्फ आर्थिक सहायता ही नहीं बल्कि सास-बहू दोनों के जीवन में आत्मसम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक बन गई।

आत्मनिर्भरता की मिसाल बनी भारती

छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम पंचायत सुतिउरकुली की भारती साहू ने राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना के माध्यम से न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की। भारती साहू एक गृहिणी हैं, जो अपने घर में ही एक जनरल स्टोर्स की दुकान चलाती हैं। महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने 1000 रुपये की राशि पाकर भारती ने अपने छोटे से जनरल स्टोर्स में मनिहारी और किराना सामान लाने का काम शुरू किया। पहले, सीमित पूंजी के कारण वे दुकान में अधिक सामान नहीं रख पाती थीं, लेकिन इस योजना से प्राप्त आर्थिक सहायता ने उनकी दुकान को नया रूप दे दिया। उन्होंने इस राशि का इस्तेमाल दुकान में आवश्यक वस्तुओं का स्टॉक बढ़ाने में किया। इसके कारण ग्राहकों की संख्या बढ़ी, और उनकी आय भी पहले से दोगुनी हो गई। अब भारती अपने परिवार की जरूरतों को आसानी से पूरा कर पा रही हैं और अपने बच्चों के भविष्य के लिए बचत भी कर रही हैं।

बेटी का भविष्य गढ रही विमला

बिलासपुर देवरीखुर्द की स्वच्छता दीदी विमला धुरी योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग अपनी बेटी के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करने में कर रही है। बुटापारा देवरीखुर्द की रहने वाली विमला धुरी नगर निगम में स्वच्छता दीदी के रूप में काम करती है और अपने परिवार को आर्थिक सहयोग देती है। विमला ने बताया कि महतारी वंदन योजना से विगत 10 माह से हर माह 1 हजार की राशि उनके खाते में आ रही है। मानदेय के अतिरिक्त सरकार से मिलने वाली इस राशि का उपयोग वह अपनी बेटी के भविष्य को संवारने में करेंगी। विमला ने बताया कि बेटी के नाम से उन्होंने सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाया है और सरकार से मिलने वाली इस मदद को हर माह बेटी के नाम पर सुकन्या समृद्धि खाते में जमा कर रही है। सुकन्या समृद्धि योजना में प्रतिवर्ष चक्रीय ब्याज की गणना होती है जिससे निवेश राशि में प्रतिवर्ष बढ़ोत्तरी होती है। यह राशि बेटी की भविष्य में शिक्षा-दीक्षा के काम आएगी।

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