लोकतंत्र का महापर्व: बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड तोड़ मतदान, आज़ादी के बाद सबसे ज्यादा वोटिंग
भारत में गुरुवार को लोकतंत्र का जोश अपने चरम पर दिखा, जब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में आज़ादी के बाद अब तक का सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस ऐतिहासिक भागीदारी की जानकारी देते हुए मतदाताओं को लोकतंत्र की असली ताकत बताया।
उन्होंने कहा कि यह जबरदस्त मतदान लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जनता की मजबूत आस्था का प्रमाण है। चुनाव आयोग ने हर मतदाता को इस रिकॉर्ड भागीदारी के लिए सलाम किया।
पश्चिम बंगाल में 91.78% का शानदार मतदान हुआ, जबकि तमिलनाडु में भी 84.69% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वोटों की गिनती 4 मई को होगी।
पश्चिम बंगाल में कई जिलों ने 90% से ज्यादा मतदान दर्ज किया। दक्षिण दिनाजपुर सबसे आगे रहा, जहां 94.85% मतदान हुआ। इसके बाद कूचबिहार (94.54%), बीरभूम (93.70%), जलपाईगुड़ी (93.23%) और मुर्शिदाबाद (92.93%) जैसे जिलों ने भी शानदार प्रदर्शन किया।
तमिलनाडु में भी पूरे दिन मतदान तेज़ रहा। शाम 6 बजे तक करीब 84.60% मतदान दर्ज हुआ, जो लगभग 5.73 करोड़ मतदाताओं में से 4.84 करोड़ लोगों की भागीदारी को दर्शाता है। करूर जिले में सबसे ज्यादा 92.48% मतदान हुआ, जबकि सलेम (90.42%), धर्मपुरी (90.02%), इरोड (89.97%) और नमक्कल (89.63%) भी आगे रहे।
वहीं, कन्याकुमारी में सबसे कम 75.50% मतदान दर्ज किया गया। इसके अलावा रामनाथपुरम, शिवगंगा, तिरुनेलवेली और तूतीकोरिन जैसे जिलों में भी औसत से कम मतदान हुआ।
चुनाव आयोग के अनुसार, सुबह के समय मतदान में तेजी रही, लेकिन दोपहर 1 से 3 बजे के बीच भीषण गर्मी के कारण थोड़ी गिरावट आई। इसके बाद शाम में फिर से मतदाता बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंचे और प्रतिशत में बढ़ोतरी हुई।
कई जगहों पर मतदान समय के बाद भी जारी रहा, क्योंकि शाम 6 बजे से पहले लाइन में लगे सभी मतदाताओं को टोकन देकर वोट डालने का मौका दिया गया।
यह आंकड़े 2021 के विधानसभा चुनावों से काफी ज्यादा हैं, जब पश्चिम बंगाल में 85.2% और तमिलनाडु में 76.6% मतदान हुआ था।
वहीं, अन्य राज्यों में हुए उपचुनावों में अपेक्षाकृत कम मतदान देखा गया। गुजरात के उमरेठ में 59.04%, महाराष्ट्र के राहुरी में 55.70% और बारामती में 57.77% मतदान दर्ज हुआ।
तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों और पश्चिम बंगाल की 152 सीटों पर मतदान हुआ, जबकि बंगाल की बाकी 142 सीटों पर 29 मई को मतदान होना है।