सायरन बजाते दौड़ रही एंबुलेंस में इश्कबाजी! कॉलेज की लड़की के साथ पकड़ाया ड्राइवर..
सरकारी सुविधाओं के दुरुपयोग का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आपातकालीन सेवाओं के लिए समर्पित 108 एंबुलेंस का इस्तेमाल मरीज ढोने के बजाय 'रोमांस' के लिए किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, राहगीरों को सड़क पर दौड़ रही एक एंबुलेंस पर संदेह हुआ, जो बिना किसी आपात स्थिति के सायरन बजाते हुए तेज रफ्तार में जा रही थी। जब कुछ स्थानीय लोगों और राहगीरों ने एंबुलेंस को रुकवाकर उसकी तलाशी ली, तो अंदर का नजारा देखकर सब दंग रह गए।
ड्राइवर की करतूत: एंबुलेंस में कोई मरीज नहीं था। ड्राइवर एक कॉलेज की छात्रा के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पाया गया।
पकड़े जाने पर हंगामा: वीडियो में देखा जा सकता है कि राहगीरों ने जब ड्राइवर से सवाल-जवाब किए, तो वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाया। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया।
प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
108 एंबुलेंस सेवा का मुख्य उद्देश्य गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उनकी जान बचाना है। लेकिन इस घटना ने सिस्टम की पोल खोल दी है:
क्या सायरन का उपयोग केवल निजी स्वार्थ और ट्रैफिक से बचने के लिए किया जा रहा था?
एंबुलेंस की मॉनिटरिंग और जीपीएस ट्रैकिंग करने वाले जिम्मेदार अधिकारी कहाँ थे?
"वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोग संबंधित ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई और एंबुलेंस सेवा की निगरानी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।"
फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग या संबंधित एजेंसी की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया पर 'नीतिश नारंग' जैसे यूजर्स द्वारा साझा किए गए इस वीडियो ने विभाग की साख पर सवालिया निशान लगा दिया है।