“हमारी शक्ति, हमारा ग्रह” थीम पर कलोटी विद्यालय में भव्य पृथ्वी दिवस कार्यक्रम आयोजित
शिमला। पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से प्रयास सोसाइटी, सिरमौर द्वारा 22 अप्रैल को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कलोटी (ब्लॉक छौहारा, जिला शिमला) में पृथ्वी दिवस बड़े उत्साह और सहभागिता के साथ मनाया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “हमारी शक्ति, हमारा ग्रह: सामुदायिक आधारित जलवायु कार्रवाई और पर्यावरणीय सततता पहल” रही, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उज्ज्वल विकास समिति के चैयरमेन शेर चन्द उपस्थित रहे, जबकि गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में संजीव चौहान और जन कल्याण सेवा संस्था के निदेशक हरीराम डोगरा ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज करवाई। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापकगण, प्रयास सोसाइटी के कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें प्रकृति भ्रमण, पेंटिंग प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, रैली, मानव श्रृंखला, पौधारोपण अभियान तथा स्वच्छता अभियान प्रमुख रहे। विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और जलवायु परिवर्तन के प्रति अपनी समझ को साझा किया।
इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई, ताकि उनमें प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित हो सके। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए गए, जबकि सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त पेंटिंग प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। साथ ही विद्यालय के सर्वश्रेष्ठ छात्र (बेस्ट स्टूडेंट) को भी संस्था द्वारा सम्मानित कर प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं और युवाओं की भागीदारी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रयास सोसाइटी के सचिव धीरज रमौल ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रेरित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।