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फेसबुक लाइव में विधायक सरयू राय पर आरोप, साइबर थाने में शिकायत दर्ज – जांच की मांग तेज

जमशेदपुर से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए की गई बयानबाजी ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। 21 अप्रैल 2026 को मानगो के सहारा सिटी निवासी गोपाल यादव द्वारा फेसबुक लाइव के दौरान जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक सरयू राय पर भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए।

इस घटना के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और इसे लेकर साइबर थाना बिष्टुपुर में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। यह शिकायत जदयू युवा मोर्चा झारखंड के प्रदेश महासचिव पप्पू सिंह तथा पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष नीरज सिंह की ओर से दी गई है।

क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ताओं के अनुसार फेसबुक लाइव के दौरान लगाए गए आरोप पूरी तरह झूठे, आधारहीन और मनगढ़ंत हैं। उनका कहना है कि इस तरह के आरोपों का उद्देश्य एक जनप्रतिनिधि की छवि को धूमिल करना, आम जनता के बीच भ्रम फैलाना और शहर के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ना है।

सोशल मीडिया पर तेजी से फैला वीडियो

बताया जा रहा है कि संबंधित फेसबुक लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिससे बड़ी संख्या में लोग इसे देख चुके हैं। शिकायत में यह भी आशंका जताई गई है कि इस तरह के भ्रामक कंटेंट से सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है।

पुलिस से क्या मांग की गई?

शिकायतकर्ताओं ने साइबर पुलिस से निम्नलिखित मांगें की हैं:

वायरल फेसबुक लाइव वीडियो के डिजिटल साक्ष्य को तुरंत सुरक्षित किया जाए

पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाए

संबंधित व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए

पुलिस की संभावित कार्रवाई

साइबर थाना बिष्टुपुर की पुलिस अब इस मामले की जांच में जुट सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आरोप झूठे और भ्रामक पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्ति पर आईटी एक्ट और मानहानि से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

बढ़ती सोशल मीडिया जिम्मेदारी

यह मामला एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करता है कि सोशल मीडिया पर बिना तथ्यों के गंभीर आरोप लगाना कितना संवेदनशील और कानूनी रूप से जोखिम भरा हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग जिम्मेदारी के साथ करना बेहद जरूरी है, खासकर जब मामला सार्वजनिक व्यक्तित्व और सामाजिक सौहार्द से जुड़ा हो।

फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी।

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