मां की डांट से नाराज होकर घर छोड़ गए 14 वर्षीय किशोर को पुलिस ने 4 घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद देर रात 1 बजे सुरक्षित ढूंढ निकाला
पंचकूला/ 22 अप्रैल:- पुलिस की तत्परता और मानवीय संवेदनाओं का एक सराहनीय उदाहरण पंचकूला में देखने को मिला। पंचकूला के मनसा देवी थाना की टीम ने अपनी कर्तव्यपरायणता का परिचय देते हुए एक 14 वर्षीय नाबालिग बच्चे को महज 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित ढूंढ निकाला और उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। यह बच्चा अपनी मां द्वारा किसी बात पर डांटे जाने के कारण गुस्से में घर छोड़कर निकल गया था।
घटना के अनुसार, 21 अप्रैल की रात करीब 9 बजे नाबालिग किशोर अपनी मां की डांट से नाराज होकर रात के अंधेरे में बिना बताए घर से बाहर चला गया। जब परिजनों ने उसे घर पर नहीं पाया, तो उनकी घबराहट बढ़ गई और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना मनसा देवी थाना पुलिस को दी। मामले की गंभीरता और बच्चे की सुरक्षा को देखते हुए थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मुनीष कुमार की टीम ने बिना समय गंवाए रात में ही एक सघन सर्च अभियान शुरू किया। पुलिस ने बच्चे के सभी परिचितों, रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में संभावित ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।
करीब 4 घंटे तक चली भारी जद्दोजहद और इलाके की छानबीन के बाद, पुलिस टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी। आखिरकार देर रात करीब 1:00 बजे पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित ढूंढ लिया। इसके बाद पुलिस ने बच्चे की काउंसलिंग की और उसे सुरक्षित उसके माता-पिता को सौंप दिया।
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने अभिभावकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि आज के दौर में बच्चों और माता-पिता के बीच संवाद की कमी एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। डीसीपी ने जोर देकर कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों के साथ एक मित्रवत और बेहतर संवाद स्थापित करना चाहिए, ताकि बच्चे अपनी मन की बात या किसी भी तरह का दबाव खुलकर साझा कर सकें। उन्होंने सुझाव दिया कि माता-पिता बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ उनके मानसिक स्वास्थ्य और भावनाओं को समझें, ताकि बच्चे भविष्य में घर छोड़ने जैसा कोई आत्मघाती या गलत कदम न उठाएं।