जमशेदपुर में भीषण गर्मी के बीच स्वर्णरेखा नदी बनी “मिनी वाटर पार्क”, लोगों को मिल रही राहत
जमशेदपुर झारखंड समेत पूरे देश में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच जमशेदपुर के लोगों ने राहत का अनोखा तरीका खोज लिया है। तापमान जब 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, तब शहरवासियों के लिए स्वर्णरेखा नदी किसी “मिनी वाटर पार्क” से कम नहीं रही।
शहर के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे पहुंच रहे हैं। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी नदी में उतरकर नहाते, तैरते और ठंडे पानी का आनंद लेते नजर आ रहे हैं। खासकर दोपहर के समय, जब गर्मी अपने चरम पर होती है, तब नदी किनारे भारी भीड़ देखी जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समय घर में रहना मुश्किल हो गया है। पंखे और कूलर भी गर्म हवा दे रहे हैं, ऐसे में स्वर्णरेखा नदी ही सबसे सस्ता और प्राकृतिक विकल्प बन गई है। कई परिवार अपने बच्चों के साथ यहां समय बिताने आ रहे हैं, जिससे माहौल किसी पिकनिक स्पॉट जैसा दिखाई दे रहा है।
हालांकि, इस बीच प्रशासन और विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की अपील भी की है। बिना सुरक्षा के गहरे पानी में जाने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। साथ ही, नदी के कुछ हिस्सों में पानी का बहाव तेज होने के कारण लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
गौरतलब है कि हर साल गर्मियों में जमशेदपुर में तापमान काफी बढ़ जाता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होता है। ऐसे में स्वर्णरेखा नदी लोगों के लिए राहत का प्रमुख केंद्र बनकर उभरती है।
फिलहाल, भीषण गर्मी के इस दौर में स्वर्णरेखा नदी न सिर्फ लोगों को ठंडक दे रही है, बल्कि शहरवासियों के लिए प्राकृतिक “वाटर पार्क” की भूमिका भी निभा रही है।