हरियाली का संकल्प,सेवा का जज़्बा
गढ़वा ज़िले के रंका स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में रविवार,19 अप्रैल 2026 की सुबह एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली,यह सिर्फ पौधे लगाने का कार्यक्रम नहीं था,बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित संदेश बोने का प्रयास था,लायंस सर्विस सप्ताह (18 अप्रैल से 26 अप्रैल) के तीसरे दिन,लायंस क्लब ऑफ़ गढ़वा ऑसम ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया और इसे केवल एक आयोजन नहीं,बल्कि एक संकल्प बना दिया।
क्लब के सदस्यों ने मिलकर 25 पौधे लगाए,हर पौधा सिर्फ मिट्टी में नहीं रोपा गया,बल्कि उसमें उम्मीद,जिम्मेदारी और एक बेहतर कल का सपना भी रोपा गया,कार्यक्रम के दौरान माहौल उत्साह,ऊर्जा और सेवा भावना से सराबोर रहा।
इस अवसर पर उपजिलापाल कंचन साहू ने क्लब की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के दौर में जब पर्यावरण लगातार खतरे में है,ऐसे प्रयास समाज को नई दिशा देते हैं,लायंस क्लब का यह कदम प्रेरणादायक है और अन्य संगठनों को भी इससे सीख लेनी चाहिए।
लेकिन इस पूरे कार्यक्रम की आत्मा बने क्लब के उपाध्यक्ष एवं युवा समाजसेवी राकेश पाल ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक कार्यक्रम नहीं,यह हमारी जिम्मेदारी है,हम अक्सर सोचते हैं कि सरकार या कोई संस्था पर्यावरण बचाएगी,लेकिन सच्चाई यह है कि बदलाव की शुरुआत हमें खुद से करनी होगी,अगर हर व्यक्ति साल में कम से कम एक पौधा लगाए और उसे अपने बच्चे की तरह देखभाल करे,तो आने वाले वर्षों में हमारी धरती फिर से हरी भरी हो सकती है,आज हमने 25 पौधे लगाए हैं,लेकिन हमारा लक्ष्य केवल संख्या नहीं,बल्कि सोच बदलना है,हम चाहते हैं कि समाज का हर व्यक्ति इस अभियान से जुड़े,क्योंकि जब तक हर हाथ एक पौधा नहीं लगाएगा,तब तक पर्यावरण संतुलन सिर्फ एक सपना ही रहेगा,लायंस क्लब ऑफ़ गढ़वा ऑसम लगातार सेवा कार्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है और यह वृक्षारोपण उसी दिशा में एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में नवनिर्वाचित अध्यक्ष उमेश अग्रवाल,सचिव उपेंद्र ठाकुर,विश्वास शर्मा,सुशील कुमार,ज्योति प्रकाश केशरी,देवेन्द्र गुप्ता,सरोज सिंह सहित कई सक्रिय सदस्यों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और इस अभियान को सफल बनाया,लायंस सर्विस सप्ताह के अंतर्गत क्लब द्वारा हर दिन समाज के विभिन्न क्षेत्रों में जनकल्याणकारी कार्यक्रम किए जा रहे हैं और यह वृक्षारोपण उसी कड़ी का एक प्रेरणादायक अध्याय बन गया।