शादी में कलाकंद खाने से 150 से अधिक बाराती-मेहमान बीमार: उल्टी और पेट दर्द की शिकायत, निजी अस्पतालों में भर्ती कराया*
बदनावर -धार : AIMA Media
Raju Gajbhiye (Social Media Activist / Journalist )
*मिलावटी मावा समेत खाद्य पदार्थो की हो रही बिक्री, प्रशासन मौन*
बदनावर के बखतपुरा गांव में एक शादी में दूषित कलाकंद खाने से 150 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए। सोमवार दोपहर को नाश्ता करने के करीब डेढ़ घंटे बाद ही मेहमानों को बेचैनी, उल्टी और पेट दर्द की शिकायत होने लगी।
बताया जा रहा है कि राधेश्याम पटेल के परिवार में शादी थी और रतलाम के पास से बारात आई थी। सगाई की रस्म के बाद सभी मेहमानों और घर-परिवार के लोगों ने कलाकंद और आलू बड़े का नाश्ता किया। नाश्ता करने के कुछ ही देर बाद बच्चों, महिलाओं और पुरुषों की तबीयत बिगड़ने लगी।
हालत बिगड़ते देख बीमारों को तुरंत आसपास के गांवों जैसे भैंसोला, संदला और बदनावर के निजी अस्पतालों में ले जाया गया। कुछ बाराती तो वापस लौटते वक्त रास्ते में ही बीमार पड़ गए, जिन्हें मजबूरी में बीच रास्ते के क्लीनिकों पर रुककर इलाज कराना पड़ा। भैंसोला के पाटीदार हॉस्पिटल में मरीजों की सबसे ज्यादा भीड़ रही।
*कारीगर के साथ काम करने वाली महिलाएं भी बीमार*
अस्पतालों में भर्ती मरीजों में 8 साल के बच्चों से लेकर 45 साल तक के बड़े शामिल थे। यहां तक कि खाना बनाने वाले कारीगर के साथ काम करने वाली चार महिलाएं भी इसकी चपेट में आ गईं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि ज्यादातर लोगों को तीन घंटे के इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।
*प्रशासन की तरफ से अब तक कोई जांच नहीं*
करीब 300 लोगों ने वह नाश्ता किया था, जिनमें से आधे से ज्यादा लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हुए। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद देर शाम तक प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम जांच के लिए मौके पर नहीं पहुंची थी।
नगर समेत अंचल में इन दिनों मिलावटी मावा, पनीर समेत अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावटी का कारोबार तेजी से चल रहा है। किंतु जिम्मेदार खाद्य विभाग द्वारा मात्र वार त्यौहार पर ही जांच अभियान चलाकर इतिश्री कर ली जाती है। इन दिनों विवाह समारोह के सीजन चल रहे हैं। जिसमें बड़े पैमाने पर शादी वाले आयोजन में लोग शामिल होकर भोजन करते हैं। प्रशासन को चाहिए कि मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटना ना घटे।