सुलतानपुर। पुलिस की सख्त छवि के बीच इंसानियत की मिसाल बनकर उभरे हेड कांस्टेबल कैसर अब्बास रिजवी इन दिनों बल्दीराय थाने में तैनात हैं।
सुलतानपुर। पुलिस की सख्त छवि के बीच इंसानियत की मिसाल बनकर उभरे हेड कांस्टेबल कैसर अब्बास रिजवी इन दिनों बल्दीराय थाने में तैनात हैं।धम्मौर और बंधुआ कला में तैनाती के दौरान उनके द्वारा किए गए मानवीय कार्यों की चर्चा आज भी लोगों की जुबां पर है।रिजवी ने जरूरतमंदों की मदद को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया है। उन्होंने अपनी निजी आय से गरीब परिवारों को राशन और कपड़े उपलब्ध कराए। इतना ही नहीं,कई बार आपात स्थिति में रक्तदान कर लोगों की जान बचाने में भी अहम भूमिका निभाई। बिना किसी प्रचार-प्रसार के किए गए उनके ये कार्य उन्हें आम पुलिसकर्मियों से अलग पहचान दिलाते हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि जब-जब किसी के घर चूल्हा बुझा या कोई बीमार पड़ा, रिजवी सबसे पहले मदद के लिए पहुंचे। उनका मानना है कि पुलिस का असली दायित्व केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्ग के साथ खड़ा होना भी है।आज भले ही उनकी तैनाती बल्दीराय में हो,लेकिन धम्मौर और बंधुआ कला क्षेत्र के लोग उन्हें याद कर भावुक हो जाते हैं। ग्रामीणों की जुबां पर एक ही बात है,ऐसे पुलिसकर्मी ही विभाग की असली पहचान हैं।हेड कांस्टेबल कैसर अब्बास रिजवी अब सिर्फ एक नाम नहीं,बल्कि सेवा,भरोसे और इंसानियत की जीवंत मिसाल बन चुके हैं।