समान अवसर सिद्धांत के आधार पर HCS 2026 प्रारंभिक परीक्षा को स्थगित करे सरकार ? हर तरीके से किसान को परेशान करती है सरकार - प्रदेशाध्यक्ष भाकियू (नैन)
हरियाणा क़ृषि प्रधान देश है I गेहूं उत्पादन में हरियाणा पुरे देश में तीसरे स्थान पर आता है I सरकार ने 26 अप्रैल 2026 को HCS (प्रा.) परीक्षा रखी गई लेकिन इस समय किसान परिवार अपने कार्यों में व्यस्त होते हैँ I 10 अप्रैल के बाद से गेहूं कटाई के सीजन के चलते किसानों के बच्चे अपनी तैयारी ना कर पाए और सरकार अपनी मन मर्जी से अधिकारियों की नियुक्ति कर दें ऐसी सरकार की मंशा है ये ब्यान चौधरी जोगिंदर घासी राम नैन प्रदेशाध्यक्ष ने रेस्ट हाउस में किसानों को सम्बोधित करते हुए कहे l
एच.सी.एस (प्रारंभिक) परीक्षा 2026 को डेढ़ से दो माह के लिए स्थगित करने हेतु किसान एवं मजदूर परिवारों के आह्वान पर प्रदेशाध्यक्ष ने सरकार से आग्रह किया है l
हरियाणा सिविल सेवा (HCS) परीक्षा प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित एवं महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक है। इस वर्ष कुल पदों की संख्या 102 है, जिनमें लगभग 24 पद SDM के हैं, जिससे यह परीक्षा और अधिक प्रतिस्पर्धात्मक हो जाती है।
प्रदेशाध्यक्ष भा.कि.यू (नैन) हरियाणा ने बताया कि परीक्षा के पाठ्यक्रम में जनवरी 2026 में, आवेदन प्रक्रिया से मात्र 10–15 दिन पूर्व परिवर्तन किया गया, और UPSC आई.ए.एस स्तर का कर दिया गया है जिससे अभ्यर्थियों को नए पाठ्यक्रम के अनुरूप अपनी तैयारी समायोजित करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाया।
किसान भाइयो सरकार आपको बार-बार चेक करती रहती है कभी कृषि कानूनों पर और कभी हमारे परिवारों से आने वाले होनहार छात्रों के भविष्य को ख़राब करने के लिए परीक्षा ऐसे समय पर कर देती है जब हमारे बच्चे हमारे परिवार कृषि कार्यों में व्यस्त होते हैं हरियाणा में आज भी जॉइंट फैमिलीज़ है और पढ़ने वाले बच्चे और बेरोजगार बच्चे जो परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं उन्हें भी अपनी हिस्सेदारी परिवार के कृषि कार्यों में करनी होती है और हमारे बच्चे ऐसे मदद करते हैं
HCS प्रारंभिक परीक्षा 2026 की तिथि 26 अप्रैल निर्धारित की गई है, जो हरियाणा में गेहूं की कटाई, बिक्री एवं तूड़ी निकालने एवं गेहूं मंडी में भेजने के चरम समय के साथ मेल खाती है। इस अवधि में किसान, मजदूर एवं वंचित वर्ग के अधिकांश परिवार कृषि कार्यों में पूर्णतः समर्पित रहते हैं।
किसान परिवारों के लिए 10 अप्रैल के बाद के 15 से 20 दिन का समय बहुत महत्वपूर्ण होता है और अबकी बार HCS की परीक्षा 26 अप्रैल को होने के कारण किसान परिवारों के अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि परीक्षा के रिवीजन के लिए आखिरी 15 से 20 दिन बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं इसलिए किसान परिवारों के अभ्यर्थियों को सामान अवसर के सिद्धांत के तहत डेढ़ से दो महीने का समय देते हुए परीक्षा को स्थगित किया जाये आपकी अति मेहरबानी होगी
ऐसे समय में हरियाणा सरकार ने 26 अप्रैल 2026 को हरियाणा HCS की परीक्षा लेने का जो निर्णय लिया है वो गलत है सरकार नहीं चाहती कि किसानों के बच्चे अधिकारी बने इसलिए ऐसे समय पर परीक्षा करना कि किसानों और मजदूरों के बच्चे तैयारी का समय नहीं निकल सकें और उनको कोई बहाना भी न मिले लेकिन हम सरकार के इस तरीके की आलोचना करते हैं ये समान अवसर के सिद्धांत के खिलाफ हैं ऐसे समय पर परीक्षा करवाना सरकार की सोची समझी साजिश है और जबकि पूरा सिलेबस जनवरी 2026 में बदला हो ऐसे में किसान परिवार के बच्चों पर और अतिरिक्त बोझ बन जाता है हम सरकार से विनती करते हैं कि कृपया करके इस परीक्षा को दो महीने के लिए स्थगित करने का कार्य करें नहीं तो हो सकता है इसके लिए आंदोलन भी करना पड़े क्योंकि किसानों के बच्चों को भी सामान अवसर के सिद्धांत के तहत परीक्षा देने का अधिकार है
प्रदेश के लगभग 60–65 प्रतिशत अभ्यर्थी इन्हीं वर्गों से संबंधित हैं। ऐसे में परीक्षा से पूर्व के महत्वपूर्ण ‘रिवीजन समय’ में वे अपनी तैयारी पर पूर्ण एकाग्रता नहीं बना पा रहे हैं, जिससे उनके लिए समान एवं निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना कठिन हो जाता है।यह निर्णय न केवल अभ्यर्थियों के भविष्य के हित में होगा, बल्कि यह सामाजिक न्याय, समान अवसर एवं प्रशासनिक सेवाओं में समावेशिता के सिद्धांतों को भी सुदृढ़ करेगा।