गौ-हत्या मुक्त भारत के लिए 27 अप्रैल को देशभर में हुंकार भरेगा 'अखिल भारतीय गौ रक्षा महासंघ'
झांसी/लखनऊ।
अखिल भारतीय गौ रक्षा महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कलीम भारतीय ने देशभर के पदाधिकारियों को आगामी 27 अप्रैल को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। संगठन द्वारा "गौ-हत्या मुक्त भारत" के संकल्प को लेकर पूरे देश के प्रत्येक जनपद में जिला कलेक्टर के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित एक 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा जाएगा।
पदाधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति के निर्देश
राष्ट्रीय अध्यक्ष कलीम भारतीय ने स्पष्ट किया है कि संगठन के सभी प्रदेश अध्यक्षों, जिला अध्यक्षों और फ्रंटल संगठनों के अध्यक्षों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे 27 अप्रैल 2026 को अपने-अपने जनपदों में उपस्थिति दर्ज कराएं और संगठन के लेटर पैड पर विधिवत ज्ञापन सौंपें।
जारी किए गए निर्देशों में सख्त लहजे में कहा गया है कि जो पदाधिकारी इस राष्ट्रव्यापी अभियान में शामिल होकर ज्ञापन नहीं देंगे, उन्हें संगठन की आगामी समीक्षा बैठक में चिह्नित किया जाएगा। ऐसे निष्क्रिय पदाधिकारियों के खिलाफ 'कारण बताओ नोटिस' जारी कर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
15 सूत्रीय मांगों पर केंद्रित है आंदोलन
संगठन का मुख्य उद्देश्य भारत को पूरी तरह से गौ-हत्या मुक्त बनाना है। इसी दिशा में 15 प्रमुख मांगों को लेकर यह बड़ा कदम उठाया जा रहा है। कलीम भारतीय ने इस अभियान के लिए नारा दिया है—
"हर भारतीय का बस एक ही सपना, गौ-हत्या मुक्त भारत हो अपना।"
कानून बनाने पर जोर
इस अभियान के माध्यम से संगठन केंद्र और राज्य सरकारों पर गौ-वंश के संरक्षण और सुरक्षा के लिए कड़े कानून बनाने का दबाव बनाना चाहता है। 27 तारीख को होने वाले इस राष्ट्रव्यापी आयोजन को लेकर संगठन की सभी इकाइयों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। माना जा रहा है कि इस बड़े प्रदर्शन से गौ-संरक्षण की दिशा में एक नई बहस शुरू होगी।