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कुड़वार की कमला इंडेन गैस एजेंसी की मनमानी चरम पर

*कुड़वार की कमला इंडेन गैस एजेंसी की मनमानी चरम पर..*

*पैसा तुरंत हड़प, सिलेंडर गायब — धूप में चूल्हा जलाने को मजबूर गृहिणियां, प्रशासन मूकदर्शक..*

सुल्तानपुर- कुड़वार क्षेत्र की कमला इंडेन गैस सर्विस अब उपभोक्ताओं के लिए सुविधा नहीं, बल्कि सिरदर्द बन चुकी है। एजेंसी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और हालात यह हैं कि लोगों का भरोसा अब टूटने लगा है। आरोप है कि एजेंसी उपभोक्ताओं से पैसा और जरूरी कागजात तो तत्काल जमा करा लेती है, लेकिन जब सिलेंडर देने की बारी आती है तो 10 से 15 दिनों तक टालमटोल का खेल शुरू हो जाता है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बिना सिलेंडर दिए ही उपभोक्ताओं के मोबाइल पर डिलीवर का मैसेज भेज दिया जाता है। यानी कागजों में गैस पहुंच गई, लेकिन हकीकत में रसोई सूनी पड़ी है। यह सीधा-सीधा उपभोक्ताओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ और सिस्टम की खुली धांधली को उजागर करता है।

गैस जैसी बुनियादी जरूरत के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है। खासकर गृहिणियां सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। सिलेंडर न मिलने के कारण उन्हें मजबूरी में धूप और गर्मी में चूल्हा जलाकर खाना बनाना पड़ रहा है। यह स्थिति न केवल परेशान करने वाली है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक साबित हो रही है।

स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसी के चक्कर काट-काट कर वे थक चुके हैं, लेकिन हर बार सिर्फ बहाने ही सुनने को मिलते हैं। फोन उठाना तो दूर, कई बार एजेंसी के कर्मचारी ठीक से जवाब तक नहीं देते। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर उपभोक्ता जाएं तो जाएं कहां?

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि लगातार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। न तो कोई जांच हो रही है और न ही किसी तरह की कार्रवाई दिखाई दे रही है। इससे साफ जाहिर होता है कि या तो प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है या फिर इस पूरे खेल पर किसी का संरक्षण प्राप्त है।

अगर जल्द ही इस मनमानी पर लगाम नहीं लगाई गई तो हालात और बिगड़ सकते हैं। जरूरत है कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग तत्काल संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई करे, ताकि उपभोक्ताओं को उनका हक मिल सके और इस तरह की लापरवाही पर पूरी तरह रोक लग सके।

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