रोटेदा मे भगवान परशुराम जयन्ती पर काव्य गोष्ठी सम्पन्न
दिनांक 19 अप्रेल रविवार को भगवान परशुराम जयन्ती के सुअवसर पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद् कापरेन व हाडीराणी राजस्थानी भाषा साहित्य व संस्कृति समिति रोटेदा की लगातार तीसरी काव्य गोष्ठी काव्य कुंज रोटेदा मे सम्पन्न हुई। गोष्ठी की अध्यक्षता मयंक जेन समाज सेवी ने की मुख्य अतिथि सत्यप्रकाश गोतम अध्यक्ष अखिल भारतीय साहित्य परिषद कापरेन व विशिष्ट अतिथि रामकिशन गोचर रहे।
गोष्ठी का शुभारम्भ हाडीराणी राजस्थानी भाषा साहित्य अर संस्कृति मंच रोटेदा के संस्थापक संरक्षक देवकी दर्पण ने "लक्ष्य प्रथम मेरा राष्ट्र सदा हो, वन्दना माता की गाता रहूँ मे...से किया। लोकेश आजाद ने ...... रचना से देश भक्ति की अलख जगाते हुये जोस भरा फिर मजदूर वर्ग की पीड़ा को व्यक्त किया। सत्यप्रकाश गोतम ने हास्य पेरोड़ियो से खूब गुदगुदाया। पुष्कर चोधरी ने कथनी और करनी मे अन्तर को लेकर सराहनीय व्यंग पढा । देवकी दर्पण नै हिन्दी गीत "आओ भगवन परशुराम फिर हिन्दुस्थान बुलाता है।" और "सूूरज लाई घणी फांकर्यो, अलख सूकर्यो प्राणी को।
मरै तसायां घणां पखेरू, भरां परिण्डो पाणी को... । " राजस्थानी गीत से पक्षियों हेतु परिण्डा बांधने का संदेश दिया। दीपेश सुमन ने" म्हारा देस को करसाणो..।"राजस्थानी गीत के साथ हिन्दी छन्दो को पढते हुये गोष्ठी का सफल संचालन किया