भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी ग्राम पंचायत खेड़ा डिगवार ( सबलगढ़) की नल जल योजना।
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भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी नल-जल योजना: टंकी बनी, पानी नहीं आया
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मध्य प्रदेश के एक गांव में विकास के दावों की हकीकत उस समय सामने आई, जब नल-जल योजना के तहत बनाई गई पानी की टंकी से आज तक एक बूंद पानी भी नहीं निकला। मामला ग्राम पंचायत खेड़ा डिगवार का है, जहां लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई पानी की टंकी सिर्फ कागजों में ही चालू दिखाई गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि 2 अक्टूबर 2024 से टंकी को रिकॉर्ड में चालू दर्शाया गया है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। न तो गांव में नल कनेक्शन दिए गए और न ही पानी की सप्लाई शुरू हुई। इसके बावजूद अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से पूरे काम को पूर्ण दिखा दिया गया।
ग्रामीणों ने कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन आज तक कोई अधिकारी गांव में आकर जांच करने नहीं पहुंचा। इससे लोगों में भारी नाराजगी है और वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना “विकसित भारत” के दावों पर सवाल खड़े करती है, जहां बुनियादी सुविधाएं भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं। अब गांव के लोग इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।