सोहगीबरवा के जंगलों में भीषण आग, वन संपदा जलकर राख—वन्य जीवों पर संकट गहराया
रिपोर्ट: प्रदीप सिंह, महराजगंज
महराजगंज। जिले के सोहगीबरवा वन्य जीव अभयारण्य के जंगलों में रविवार को भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग की तेज लपटों ने देखते ही देखते विशाल वन क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे कीमती वन संपदा धू-धू कर जल रही है। इस घटना से जंगल में रहने वाले वन्य जीवों के सामने भी जीवन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
जानकारी के अनुसार, सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग लगभग 342 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें बहुमूल्य पेड़-पौधे, जड़ी-बूटियां, ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल और अनेक दुर्लभ वन्य जीव निवास करते हैं। रविवार को दक्षिणी चौक रेंज में लगी आग ने तेज हवाओं के कारण विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटों और घने धुएं से पूरा इलाका प्रभावित हो गया है।
आग की चपेट में आने से जंगल के अंदर रहने वाले जानवर सुरक्षित स्थानों की तलाश में इधर-उधर भटकने को मजबूर हो गए हैं। स्थिति को देखते हुए वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने के प्रयास में जुटी हुई है।
डीएफओ निरंजन सुर्वे ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जंगलों में अवैध प्रवेश कर आग न लगाएं। उन्होंने बताया कि फायर लाइन बनाने के लिए सूखी झाड़ियों की कटाई की जा रही है, ताकि आग को फैलने से रोका जा सके। साथ ही, किसानों से खेतों में गेहूं की पराली न जलाने की अपील की गई है, क्योंकि इससे जंगल में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है।
वन विभाग द्वारा आग पर नियंत्रण के लिए कई एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। फायर लाइन कटान के साथ सूखी पत्तियों को कंट्रोल बर्निंग के माध्यम से नष्ट किया जा रहा है। इसके अलावा, जंगल के आसपास रहने वाले लोगों के साथ बैठक कर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और वन क्षेत्र में अवैध प्रवेश पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग द्वारा वन क्षेत्र के वॉटर हॉल्स में पानी भरने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है, ताकि वन्य जीवों को राहत मिल सके और आग की स्थिति में पानी की उपलब्धता बनी रहे।