विनोद खन्ना द्वारा लिखी गई आत्मकथा की खूबसूरत
विनोद खन्ना द्वारा लिखी गई आत्मकथा की खूबसूरत
पंक्तियां ..
"जब मुझे पर्याप्त आत्मविश्वास मिला.... तो मंच खत्म हो चुका था..
जब मुझे हार का यकीन हो गया तब मैं जीता।
जब मुझे लोगों की जरूरत थी,तब
उन्होंने मुझे छोड़ दिया।
जब रोते हुये मेरे आँसू सूख गए,तो मुझे सहारे के लिए कंधा मिल गया..
जब मैंने नफरत की दुनिया में जीना सीख लिया. किसी ने मुझे दिल की गहराई से प्यार करना शुरु कर दिया।
जब सुबह का इंतजार करते करते मे सोने लगा, तो
सूर्य निकल आया।
यही जिंदगी है