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आगरा-मुंबई हाईवे पर मौत को दावत देता 'होटल कब्जा': कभी भी हो सकता है भीषण हादसा, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

आगरा-मुंबई हाईवे पर मौत को दावत देता 'होटल कब्जा कभी भी हो सकता है भीषण हादसा प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

किशन लाल जागिड़ संवाददाता
प्रदेश खबरदार
9829276941

धामनोद (दूधी बाईपास) आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर सफर करना अब जोखिम भरा होता जा रहा है। दूधी बाईपास स्थित एक रसूखदार होटल संचालक ने हाईवे की बेशकीमती जमीन पर इस कदर कब्जा जमा लिया है कि मुख्य सड़क का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। आलम यह है कि यहां रात के समय बसों का ऐसा जमावड़ा लगता है जो सीधे तेज रफ्तार हाईवे को छूता है। यह लापरवाही किसी भी दिन बड़े नरसंहार का कारण बन सकती है

मौत की पार्किंग: बसें बनीं काल का ग्रास
सूत्रों के अनुसार, उक्त होटल के सामने खड़ी होने वाली बसों की लंबी कतारों के कारण हाईवे संकुचित हो गया है। रात के अंधेरे में जब गाड़ियां 100 की रफ्तार से निकलती हैं, तो अचानक सामने खड़ी बसें और अवैध कब्जे के कारण चालकों को संभलने का मौका नहीं मिलता यहां न तो कोई रेडियम संकेतक हैं और न ही ट्रैफिक कंट्रोल के कोई पुख्ता इंतजाम होटल की कमाई के चक्कर में आम राहगीरों की जान दांव पर लगी है
जिम्मेदार अधिकारियों का 'मौन' संदेह के घेरे में
हैरानी की बात यह है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) और स्थानीय प्रशासन की आंखों के सामने यह खेल लंबे समय से चल रहा है, लेकिन सब 'धृतराष्ट्र' बने बैठे हैं।आखिर क्यों प्रशासन इस अतिक्रमण को हटाने से कतरा रहा हैक्या जिम्मेदार अधिकारियों को किसी बड़ी दुर्घटना और लाशों के बिछने का इंतजार है
अवैध कब्जे ने बढ़ाया जोखिम
होटल संचालक द्वारा आसपास की खाली जगह को कवर कर लेने से पार्किंग का दबाव मुख्य मार्ग पर आ गया है सूत्रों के अनुसार मिली जानकारी कि प्रशासन के पास शिकायतें पहुंचने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है
जवाब कौन देगा

नेशनल हाईवे पर बसों की अनियमित पार्किंग को अनुमति किसने दी
सड़क किनारे किए गए अवैध निर्माण पर अब तक बुलडोजर क्यों नहीं चला
क्या प्रशासन की साठगांठ से जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है

जनहित में मांग

इस होटल के अवैध कब्जे को तुरंत जमींदोज किया जाए और बसों की पार्किंग के लिए सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यदि जल्द ही एक्शन नहीं लिया गया तो हाईवे पर होने वाले अगले हादसे का जिम्मेदार सीधे तौर पर प्रशासन होगा

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