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नोनेरा गांव के लाल ने रचा इतिहास: किसान के बेटे नरेश मीणा बने गांव के पहले RAS अधिकारी

कोटा/इटावा। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा जारी आरएएस परीक्षा-2024 के परिणामों में इटावा क्षेत्र के नोनेरा गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है। गांव के एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले नरेश मीणा ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर 1290वीं रैंक हासिल कर गांव का नाम रोशन किया है।
​दूसरे प्रयास में मिली बड़ी सफलता
​नरेश मीणा के लिए यह मुकाम हासिल करना आसान नहीं था। बीएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने जयपुर से कोचिंग ली। अपने पहले प्रयास में वे मात्र 4-5 नंबरों के अंतर से मुख्य परीक्षा (Mains) क्लियर करने से चूक गए थे। लेकिन हार मानने के बजाय, उन्होंने अपने परिजनों के प्रोत्साहन से फिर से तैयारी शुरू की और प्रतिदिन 10 से 12 घंटे तक कड़ी पढ़ाई की।
​किसान पिता का हाथ बंटाते हुए की पढ़ाई
​नरेश के पिता, दौलत मीणा, पेशे से किसान हैं और परिवार के पास 12 बीघा जमीन है। नरेश ने बताया कि वे अपनी पढ़ाई के साथ-साथ समय मिलने पर अपने पिता के साथ खेती-बाड़ी के कामों में भी हाथ बंटाते थे। उनके बड़े भाई, जो कोटा में कोचिंग पढ़ाते हैं, उन्होंने भी उन्हें इस सफर में काफी प्रेरित किया।
​नोनेरा गांव के पहले RAS
​इस चयन की सबसे खास बात यह है कि नरेश मीणा नोनेरा गांव से पहले आरएएस (RAS) अधिकारी बने हैं। जैसे ही परिणाम की सूचना मिली, गांव और परिवार में जश्न का माहौल बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि नरेश की यह सफलता क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
​इंटरव्यू का अनुभव
​नरेश ने बताया कि उनका इंटरव्यू 3 फरवरी को हुआ था, जिसमें उनसे राजनीति (Political Science), उनके विषयों से संबंधित सवाल और समसामयिक घटनाओं (Current Affairs) पर चर्चा की गई थी। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद और परिवार के अटूट सहयोग को दिया है, जिन्होंने पढ़ाई के दौरान उन पर कभी कोई दबाव नहीं बनाया।

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