*महिला आरक्षण का विरोध कर कांग्रेस ने किया 'नारी शक्ति' से विश्वासघात: देवशाली*
मनोज शर्मा,चंडीगढ़ । चंडीगढ़ नगर निगम के पूर्व पार्षद शक्ति प्रकाश देवशाली ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक को गिराने की साजिश रचने के लिए कांग्रेस और उसके सहयोगियों की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे महिलाओं के सशक्तीकरण पर सीधा प्रहार तथा भाजपा सरकार के 'नारी शक्ति वंदन' अभियान को कमजोर करने की घिनौनी चाल बताया।
देवशाली ने कहा कि कांग्रेस एवं उसके सहयोगियों द्वारा विधेयक का विरोध सिद्ध करता है कि ये दल वास्तव में महिला-विरोधी हैं और नारी को सशक्त होते नहीं देख सकते। देश की आधी आबादी वाली 'नारी शक्ति' विगत तीन दशकों से इस विधेयक की प्रतीक्षा कर रही है। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की भाजपा सरकार ने 1998, 1999 तथा 2003 में इसे पारित करने का प्रयास किया, किंतु सफल नहीं हो सकी। 2004 से 2014 तक कांग्रेस के पास स्पष्ट बहुमत था, फिर भी उन्होंने इसे कभी लोकसभा में पारित नहीं करवाया।
कांग्रेस और सहयोगियों की तीव्र भर्त्सना करते हुए देवशाली ने कहा, "ये सदैव वोटबैंक की राजनीति करते हैं और भाजपा के महिला-सशक्तीकरण प्रयासों से भयभीत हैं। महिला अधिकारों का ढोंग करने वाली यह पार्टी विधेयक के विरोध से बेनकाब हो गई है—उनका एजेंडा केवल झूठे वादों से सत्ता हासिल करना है, नारी सशक्तीकरण नहीं।"
देवशाली ने याद दिलाया कि भाजपा सरकार ने गुजरात से उत्तर प्रदेश तक महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर सशक्त बनाया, जबकि कांग्रेस राज में वे केवल वादों की भेंट चढ़ीं। उन्होंने चंडीगढ़ और जालंधर की महिलाओं से अपील की कि वे इस विश्वासघात का बदला लें। "देश की आधी आबादी के सशक्तीकरण का विरोध करने वालों को जनता क्षमा नहीं करेगी और आने वाले कई दशकों तक इन्हें 'नारी शक्ति' के साथ विश्वासघात का दुष्परिणाम भुगतना पड़ेगा।