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महाविद्यालय में “जन उद्घोष में वंदे मातरम की भूमिका” विषय पर निबंध प्रतियोगिता का सफल आयोजन


द्वारीखाल संबाददाता कमल उनियाल
आज महाविद्यालय परिसर में राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना को समर्पित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “जन उद्घोष में वंदे मातरम की भूमिका” विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों के भीतर देशप्रेम और ऐतिहासिक जागरूकता की भावना को सशक्त रूप से उजागर किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम संयोजक डॉ. शिप्रा द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “वंदे मातरम” केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम का प्रेरणास्रोत रहा है। प्रतियोगिता में विभिन्न संकायों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने विचारों के माध्यम से इस गीत की ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्ता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें “वंदे मातरम” के गौरवशाली इतिहास और जनजागरण में उसकी भूमिका से परिचित कराना था। प्रतिभागियों ने अपने निबंधों में स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस गीत के प्रभाव, जनमानस में जागृति लाने में इसकी भूमिका और वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता पर गहन विचार व्यक्त किए।
निर्णायक मंडल में हिंदी विभाग से डॉ. सुमन कुकरेती एवं वाणिज्य संकाय के विभाग प्रभारी डॉ. वरुण कुमार शामिल रहे। उन्होंने प्रतिभागियों के निबंधों का मूल्यांकन अभिव्यक्ति, भाषा-शैली, विषय की समझ और प्रस्तुति के आधार पर किया।
प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा करते हुए बताया गया कि प्रथम स्थान अदीप सिंह (बी.एस.सी. षष्ठम सेमेस्टर) ने प्राप्त किया। द्वितीय स्थान मीनाक्षी (बी.ए. द्वितीय सेमेस्टर) तथा तृतीय स्थान अमीषा (बी.ए. द्वितीय सेमेस्टर) को मिला।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. एल. आर. राजवंशी ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल ज्ञानवर्धन करते हैं, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं।
इस अवसर पर हिंदी विभाग प्रभारी डॉ. उमेश ध्यानी, राजनीति विज्ञान विभाग से डॉ. अजय रावत एवं डॉ. वंदना ध्यानी बहुगुणा, अर्थशास्त्र विभाग से डॉ. नेहा शर्मा एवं डॉ. दुर्गा रजक, अंग्रेजी विभाग प्रभारी डॉ. मानसी वत्स, भूगोल विभाग से डॉ. वसीम अहमद सहित अन्य प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थितजनों द्वारा राष्ट्रगीत “वंदे मातरम” के सामूहिक गायन के साथ भावपूर्ण वातावरण में किया गया।

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