हज यात्रा 2026: झारखंड से रवाना हुए अकीदतमंद, कोलकाता एयरपोर्ट पर विशेष इंतजाम के साथ हाजियों को दी गई विदाई
रांची: इस वर्ष हज के मुक़द्दस सफर पर जाने वाले झारखंड के जायरीन के लिए रवानगी का सिलसिला शुरू हो गया है। रांची से कोलकाता और वहां से जद्दा के लिए हज यात्रियों की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
सुरक्षित रवानगी और बेहतर तालमेल
राज्य से इस वर्ष लगभग 1,530 हज यात्री पवित्र यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। झारखंड हज कमेटी के अनुसार, यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए रांची से कोलकाता तक की यात्रा और वहां से सऊदी अरब (जद्दा) के लिए 18 से 23 अप्रैल तक विशेष फ्लाइट्स की व्यवस्था की गई है। इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए झारखंड प्रशासन ने पश्चिम बंगाल सरकार के साथ बेहतर तालमेल स्थापित किया है, ताकि जायरीन को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
प्रशासनिक मुस्तैदी
इस महत्वपूर्ण यात्रा की देखरेख के लिए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी व्यक्तिगत रूप से सक्रिय हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि खाड़ी देशों में चल रहे तनाव या अन्य किसी भी परिस्थिति का हज यात्रा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मंत्री महोदय ने स्वयं कोलकाता एयरपोर्ट पर 18 से 23 अप्रैल तक उपस्थित रहने का निर्णय लिया है, ताकि हर हाजी की रवानगी सकुशल और पूरी हिफाजत के साथ मुकम्मल हो सके।
हाजियों से खास अपील
हज यात्रियों को विदाई देते हुए उनके परिजनों और समाज के लोगों में फख्र और जज्बात का माहौल देखा गया। इस पवित्र सफर पर जाने वाले जायरीन से अपील की गई है कि वे वहां मक्का और मदीना की पाक सरजमीं पर अपने और अपने अहल-ए-खाना के साथ-साथ सूबे और मुल्क में अमन-ओ-अमान, तरक्की और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं करें।
एक अज़ीम नेमत
हज को इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक माना जाता है और मक्का-मदीना का दीदार करना हर मुसलमान के लिए एक बड़ी इबादत और अज़ीम नेमत है। यह यात्रा न केवल आध्यात्मिक सुकून देती है, बल्कि भाईचारे और शांति का संदेश भी लेकर आती है। प्रशासन और हज समिति ने तमाम हाजियों के बेहतर स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए शुभकामनाएं दी हैं।