logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा फैसला: UCC के लिए बनी ड्राफ्ट कमेटी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश में 'समान नागरिक संहिता' (UCC) को लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया है। छत्तीसगढ़, उत्तराखंड के बाद ऐसा करने वाला देश का प्रमुख राज्य बनने की राह पर है।
​1. ड्राफ्ट कमेटी का गठन
​कैबिनेट ने UCC का मसौदा तैयार करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति के गठन को मंजूरी दी है।
​अध्यक्षता: इस समिति की कमान जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को सौंपी गई है (जिन्होंने उत्तराखंड के UCC ड्राफ्ट में भी मुख्य भूमिका निभाई थी)।
​कार्य: यह कमेटी छत्तीसगढ़ की स्थानीय परंपराओं, जनजातीय रीति-रिवाजों और विभिन्न समुदायों के व्यक्तिगत कानूनों का अध्ययन कर एक साझा कानून का ड्राफ्ट तैयार करेगी।
​2. प्रमुख बिंदु: क्या बदलेगा?
​UCC लागू होने के बाद विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे मामलों में सभी धर्मों और समुदायों के लिए एक जैसा कानून होगा:
​बहुविवाह पर रोक: सभी समुदायों के लिए एक से अधिक विवाह करना अवैध माना जा सकता है।
​विवाह पंजीकरण: शादी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा।
​लड़कियों की विवाह आयु: सभी धर्मों में लड़कियों के लिए विवाह की न्यूनतम आयु समान (21 वर्ष) करने का प्रावधान हो सकता है।
​पैतृक संपत्ति में अधिकार: संपत्ति के अधिकार और विरासत के नियमों को सरल और समान बनाया जाएगा।
​3. जनजातीय (Tribal) अधिकारों का संरक्षण
​छत्तीसगढ़ एक आदिवासी बहुल राज्य है, इसलिए कैबिनेट ने यह स्पष्ट किया है कि:
​बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों की आदिवासी परंपराओं और रूढ़ियों को विशेष ध्यान में रखा जाएगा।
​संविधान की 5वीं और 6वीं अनुसूची के तहत आदिवासियों को मिले अधिकारों से छेड़छाड़ नहीं करने की कोशिश होगी, ताकि उनकी सांस्कृतिक पहचान बनी रहे।
​4. राजनीतिक प्रतिक्रिया
​सरकार का पक्ष: मुख्यमंत्री का कहना है कि यह 'सबका साथ, सबका विकास' की दिशा में एक कदम है ताकि कानून के सामने सब समान हों।
​विपक्ष का विरोध: कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इसे चुनावी एजेंडा और विविधता पर हमला बताते हुए सदन में विरोध जताया है।

6
769 views

Comment