महाराष्ट्र खानदेश
तडवी भिल्ल आदीवासी जाती के समाज की तादाद बहुत बड़ी संख्या में हैं यह समाज के लो में शादियों की धूम लगी है,,,
तडवी भिल्ल आदीवासी जाती में शादियों में आम तौर पर जो खाना बनता हैं शादियों वह,, दाल मंडा कहते हैं ,, दाल तुवर की होती हैं, तेज दाल बनाते है और दाल के साथ मांडा खाया जाता हैं, शादी 4 दिन तक चलती हैं,
1 दिन , दूल्हा और दुल्हन को पूरे शरीर पर हल्दी मलते हे इसे हल्दी कहते है,
2 दिन दूल्हा, दुल्हन के गांव जाते है बारात लेके,,,
3 दिन मलस,, कहते है,, जो दूल्हे की घर पर होती हैं उस दिन पर रिसतेदर गांव वाले दोस्तो को खाना खिलाया जाता है,,,
4 दिन दूल्हा के घर सिर्फ अपने घर के लोगों को खाना बनाते हैं,, नॉन वेज। खाना होता हैं
इसी तरह से तडवी भिल्ल आदीवासी जाती कि शादी होती हैं