महराजगंज में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है।
महराजगंज: 80 लाख के 318 मोबाइलों के साथ अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश, 5 गिरफ्तार
मुख्य घटनाक्रम:
महराजगंज जनपद की श्यामदेउरवा थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने एक बेहद शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह ग्रामीण क्षेत्रों से पुराने मोबाइल इकट्ठा कर उन्हें साइबर ठगों तक पहुँचाने का काम करता था। पुलिस ने इस मामले में बिहार के रहने वाले 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
बरामदगी:
मोबाइल फोन: कुल 318 मोबाइल (बाजार मूल्य लगभग 80 लाख रुपये)।
मदरबोर्ड: 110 अलग-अलग मोबाइल मदरबोर्ड।
अन्य: मोटरसाइकिलें और कई फर्जी दस्तावेज।
गिरोह के काम करने का तरीका:
पुलिस अधीक्षक (SP) शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि गिरोह के सदस्य गांवों में फेरी लगाकर छोटे-मोटे सामानों का लालच देकर लोगों से उनके पुराने या खराब मोबाइल ले लेते थे। इन मोबाइलों और उनके मदरबोर्ड को इकट्ठा कर पश्चिम बंगाल में अपने साथियों को भेजा जाता था। इन उपकरणों का उपयोग ओटीपी (OTP) फ्रॉड, फिशिंग और फर्जी कॉलिंग जैसे गंभीर साइबर अपराधों में किया जा रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:
विकेश कुमार (25 वर्ष)
समकांत साहनी (40 वर्ष)
बृजकिशोर (37 वर्ष)
मुन्ना कुमार (23 वर्ष)
रामदास (35 वर्ष)
(सभी आरोपी बिहार राज्य के निवासी हैं)
पुलिस की अपील:
पुलिस ने आम जनता को आगाह किया है कि वे किसी भी अनजान फेरीवाले या व्यक्ति को लालच में आकर अपना पुराना मोबाइल न दें। आपके पुराने मोबाइल का मदरबोर्ड साइबर अपराधियों के लिए एक बड़ा हथियार बन सकता है, जिससे आपकी व्यक्तिगत जानकारी और बैंक खातों में सेंध लगाई जा सकती है।
वर्तमान में पुलिस इस सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है जो पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों से इस नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।रिपोर्ट प्रदीपसिंह महराजगंज