निषाद समाज की मुख्य समस्याओं को लेकर उत्तर प्रदेश में संगठन का विस्तार करेंगे निषाद समाज खेवनहार प्रमुख डॉ. राम सजीवन निषाद
उत्तर प्रदेश में निषाद समाज की मुख्य समस्याओं में प्रमुख रूप से आरक्षण का अभाव (अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग), अशिक्षा, बेरोजगारी, और आर्थिक पिछड़ेपन शामिल हैं। पारंपरिक आजीविका (मछली पालन, नाव संचालन) पर निर्भरता के कारण इन्हें अक्सर विस्थापन और कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ता है, साथ ही सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की कमी भी एक बड़ी चुनौती है। निषाद समाज खेवनहार प्रमुख एवं राष्ट्रीय जनवादी पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राम सजीवन निषाद ने बताया कि हमारे निषाद समाज की सबसे बड़ी मांग आरक्षण है। हम अपनी विभिन्न उप-जातियों (केवट, मल्लाह, बिंद, कश्यप आदि) को अनुसूची जाति (SC) में शामिल करने की मांग कर रहे हैं, ताकि शिक्षा और नौकरियों में उचित भागीदारी मिल सके। परंपरागत पेशों (जैसे मछली पकड़ना, नाव चलाना) में आय कम होने और आधुनिक साधनों की कमी के कारण हमारा समाज आर्थिक रूप से कमजोर है। शैक्षणिक रूप से पिछड़े होने के कारण, समुदाय में अशिक्षा और अंधविश्वास एक बड़ी चुनौती है। निषाद समाज खेवनहार प्रमुख डॉ. राम सजीवन निषाद कहते हैं नदियों में अवैध खनन और मछली पकड़ने के अधिकारों को लेकर अक्सर हमारा समाज प्रशासन से विवाद होते रहते हैं। डॉ . राम सजीवन निषाद का मानना है कि उन्हें हमारे समाज को संख्या बल के अनुसार राजनीतिक भागीदारी अभी तक नहीं मिली है और पिछले एक दशक से प्रदेश की राजनीतिक हिस्सेदारी में अधिक कमियां हुई हैं। इसका एक ही कारण है परंपरागत परिवादवाद को राजनीति में बढ़ावा देना और गैर परिवारवाद के निषाद समाज के युवाओं को राजनीति में पीछे करना। इन समस्याओं के समाधान के लिए निषाद समाज खेवनहार प्रमुख डॉ. राम सजीवन निषाद ने कहा पूरे उत्तर प्रदेश में निषाद समाज की मुख्य समस्याओं को लेकर निषाद समाज खेवनहार संगठन का विस्तार करेंगे और जो निषाद समाज के संघर्षरत युवा हैं उनको निषाद समाज खेवनहार की मुख्य विचारधारा से जोड़ेंगे और जिससे भविष्य में ग्रामीण सदन से लेकर विधानसभा और संसद तक निषाद समाज के युवा पहुंचकर शासन प्रशासन से अपनी माँगें पूरी करने का दबाव बनाकर निषाद समाज का उत्थान करें।