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प्रधानमंत्री का देहरादून दौरा: दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण, भव्य स्वागत के बीच विकास पर जोर; अंकिता भंडारी प्रकरण की गूंज

देहरादून, 14 अप्रैल — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (एक्सप्रेसवे) के लोकार्पण के लिए देहरादून पहुंचे, जहां उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया गया। दौरे की शुरुआत उन्होंने डाटकाली मंदिर में पूजा-अर्चना से की और प्रदेश व देश की सुख-समृद्धि की कामना की।

इसके बाद प्रधानमंत्री लगभग 12 किलोमीटर लंबा रोड शो करते हुए गढ़ी कैंट स्थित महिंद्रा ग्राउंड पहुंचे। इस दौरान सड़क के दोनों ओर हजारों की संख्या में लोग एकत्रित रहे और “भारत माता की जय” के नारों से वातावरण गूंज उठा। प्रधानमंत्री ने हाथ जोड़कर और हाथ हिलाकर अभिवादन स्वीकार किया तथा जनता के उत्साह पर आभार व्यक्त किया।

जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर देरी से पहुंचने के लिए क्षमा मांगी। उन्होंने कहा कि भारी भीड़ और जनसैलाब के कारण वाहन को धीमी गति से चलाना पड़ा, जिससे उन्हें पहुंचने में विलंब हुआ। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड से उन्हें हमेशा विशेष ऊर्जा मिलती है और यहां का स्नेह उन्हें देश के विकास के लिए और अधिक प्रेरित करता है।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने बहुप्रतीक्षित दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर उसे जनता को समर्पित किया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, लगभग 12,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 213 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा और दिल्ली से देहरादून के बीच यात्रा समय को लगभग 6 घंटे से घटाकर ढाई घंटे तक लाने में सहायक होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री का शॉल ओढ़ाकर और नंदा देवी राजजात यात्रा का स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। मंच पर राज्यपाल, कैबिनेट मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए नंदा राजजात यात्रा का जिक्र किया तथा सेना और पूर्व सैनिकों के योगदान को भी रेखांकित किया।

इस बीच, राज्य के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा भी राजनीतिक विमर्श में बना रहा। विपक्षी दलों ने इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया की गति और पारदर्शिता को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। हालांकि, प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इस विषय का प्रत्यक्ष उल्लेख नहीं किया।

प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर शहर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए, जिसके चलते कई स्थानों पर यातायात डायवर्जन लागू रहा और आम नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ा। स्थानीय व्यापारियों ने भी कारोबार प्रभावित होने की बात कही।

विपक्ष ने इसके अलावा बेरोजगारी, पलायन और पूर्व में घोषित परियोजनाओं के क्रियान्वयन में देरी जैसे मुद्दों को भी उठाया, वहीं पर्यावरणविदों ने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के बीच पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री का यह दौरा जहां एक ओर दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के जरिए विकास को नई गति देने वाला माना जा रहा है, वहीं अंकिता भंडारी प्रकरण सहित अन्य जनसरोकार के मुद्दों पर उठते सवाल यह दर्शाते हैं कि प्रदेश की जनता विकास के साथ-साथ जवाबदेही और त्वरित न्याय की भी अपेक्षा रखती है।

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