logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

बाबा साहेब के वो क्रांतिकारी 7 विचार, जिसने देश को दी दिशा

संवाददाता (पुनीत शुक्ला) की रिपोर्ट:- आज 14 अप्रैल को पूरा भारत संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती मना रहा है. बाबा साहेब ने हमेशा कहा था कि 'शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो' उनके विचार केवल दलितों या पिछड़ों के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए समानता और सम्मान का मार्ग प्रशस्त करते हैं |
डॉ. भीमराव अंबेडकर भारत के उन महान व्यक्तित्वों में शामिल हैं, जिन्होंने अपने विचारों और काम से समाज को नई सोच दी. उन्होंने सिर्फ कानून और संविधान तक ही सीमित रहकर काम नहीं किया, बल्कि शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय को लेकर भी लोगों को जागरूक किया. 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में जन्मे बाबासाहेब की जयंती हर साल पूरे देश में सम्मान के साथ मनाई जाती है |
उनके विचार आज भी लोगों के जीवन में उतने ही मायने रखते हैं, जितने पहले रखते थे. उन्होंने हमेशा यह सिखाया कि हर व्यक्ति को बराबरी का हक मिलना चाहिए और शिक्षा ही आगे बढ़ने का सबसे मजबूत रास्ता है. उनके अनमोल विचार लोगों को अपनी सोच बदलने, अपने अधिकारों को समझने और जीवन में आगे बढ़ने की हिम्मत देते हैं. यही वजह है कि आज भी बाबासाहेब की बातें हर पीढ़ी को प्रेरित करती हैं |
- हमें अपने पैरों पर खड़ा होना चाहिए और अपने अधिकारों के लिए जितना हो सके संघर्ष करना चाहिए.'
- लोकतंत्र केवल सरकार का एक रूप नहीं है, यह मुख्य रूप से संयुक्त संचारित अनुभव का एक तरीका है|
- मनुष्य नश्वर है, उसी तरह उसके विचार भी नश्वर हैं. एक विचार को प्रचार-प्रसार की जरूरत होती है, जैसे कि एक पौधे को पानी की |
- 'मैं किसी समुदाय की प्रगति का आकलन इस आधार पर करता हूं कि महिलाओं ने कितनी प्रगति हासिल की है.'
- मैं ऐसे धर्म को मानता हूं, जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाए.'
- हम सबसे पहले और अंत में भी भारतीय हैं.'
- भाग्य में विश्वास रखने के बजाए अपनी शक्ति और कर्म में विश्वास रखना चाहिए.'

10
770 views

Comment