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स्वास्थ्य विभाग द्वारा मातृ मृत्यु समीक्षा बैठक आयोजित हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान करना बहुत जरूरी – सिविल सर्जन डॉ. मनदीप कमल

स्वास्थ्य विभाग द्वारा मातृ मृत्यु समीक्षा बैठक आयोजित

हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान करना बहुत जरूरी – सिविल सर्जन डॉ. मनदीप कमल

होशियारपुर, 13 अप्रैल 2026 ( )

माता-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने और मातृ मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से आज कार्यालय सिविल सर्जन होशियारपुर में मातृ मृत्यु समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक सिविल सर्जन डॉ. मनदीप कमल की अध्यक्षता तथा जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. रणजीत सिंह के नेतृत्व में आयोजित की गई। इस दौरान फरवरी महीने में हुई दो मातृ मृत्यु के मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई।

डॉ. मनदीप कमल ने कहा कि मातृ मृत्यु को रोकने के लिए हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान करना बहुत जरूरी है। उनके सभी आवश्यक टेस्ट निर्धारित समय के भीतर करवाए जाएं तथा आवश्यकता अनुसार उचित उपचार उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि महीने के दौरान प्रसव वाली गर्भवती महिलाओं के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जाए और आशा वर्करों तथा एएनएम द्वारा उनका निरंतर फॉलोअप किया जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला के प्रसव की पहले से ही योजना (Birth Planning) एएनएम द्वारा तैयार की जाए। किसी भी स्थिति में घर पर डिलीवरी न हो तथा सभी डिलीवरी 100 प्रतिशत संस्थागत रूप से ही करवाई जाएं। आशा वर्करों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि वे गर्भवती महिलाओं के साथ जांच तथा प्रसव के समय स्वास्थ्य संस्थानों में अवश्य उपस्थित रहें।

जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. रणजीत सिंह ने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला को सबसे पहले और जल्द से जल्द स्वास्थ्य संस्थान में पंजीकृत किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि वजन, ब्लड प्रेशर, शुगर, एचबी, थायरॉयड, हेपेटाइटिस, एलएफटी, स्कैन, ईसीजी आदि सभी महत्वपूर्ण जांच समय पर करवाना आवश्यक है ताकि संभावित जटिलताओं की पहचान कर उनका समय रहते उपचार किया जा सके।
उन्होंने आगे कहा कि हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए पहले से ही प्रसव की योजना तैयार कर उन्हें उन स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा जाए जहां सभी आवश्यक साधन और विशेषज्ञ सुविधाएं उपलब्ध हों। इसके साथ ही, चाहे गर्भवती महिला निजी इलाज करवा रही हो, उसका भी सरकारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार फॉलोअप किया जाए।

बैठक के दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों ने विशेष रूप से एएनसी (Antenatal Care) और पोस्ट नेटल जांच पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान, पूर्व योजना, लगातार निगरानी तथा तुरंत उपचार ही मातृ मृत्यु दर को कम करने में सबसे प्रभावी कदम साबित हो सकते हैं।

इस अवसर पर सीनियर मेडिकल ऑफिसर सिविल अस्पताल डॉ. नेहा पाल, सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुदेश राजन, जिला मास मीडिया अधिकारी तरसेम लाल, डिप्टी मास मीडिया अधिकारी रमनदीप कौर सहित अन्य संबंधित एलएचवी, एएनएम तथा अन्य पैरामेडिकल स्टाफ उपस्थित थे।

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