सिंग्रामपुर की बिजली व्यवस्था ठप अधिकारी मौन : 11 घंटे बंद रही सप्लाई, भीषण गर्मी से लोग परेशान
//सिंग्रामपुर //
सिंग्रामपुर क्षेत्र में रविवार को बिजली आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई। सुबह लगभग 10:00 बजे से शाम 10:00 बजे तक लगातार करीब 11 घंटे तक विद्युत सप्लाई बंद रही, जिससे क्षेत्रवासियों को 38 डिग्री तापमान की भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। लंबे समय तक बिजली न रहने के कारण बच्चों, बुजुर्गों और आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
दोपहर की तेज गर्मी में हालात इतने खराब हो गए कि लोग घरों से बाहर निकलने को मजबूर हो गए। छोटे बच्चे गर्मी से बिलखते नजर आए, वहीं ग्रामीणों में भारी नाराजगी और आक्रोश भी देखने को मिला।
बिजली कटौती का असर स्थानीय व्यापारियों पर भी पड़ा। दुकानों में कामकाज प्रभावित हुआ और कई व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। व्यापारियों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली बंद रहने से रोजमर्रा का कारोबार ठप हो जाता है। साथ ही, यहां आए दिन बिजली बाधित रहती है और जब सप्लाई चालू भी रहती है तो बार-बार “परमिट” लेकर आधे-आधे घंटे में लाइन बंद कर दी जाती है, जिससे स्थिति और भी खराब हो जाती है।
सबसे बड़ी समस्या यह रही कि शिकायत के बावजूद बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने फोन तक रिसीव नहीं किए और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया। इससे लोगों में विभाग के प्रति आक्रोश और बढ़ गया।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बिजली कटौती के बावजूद बिजली बिलों में किसी प्रकार की राहत नहीं दी जाती। “बिजली रहे या न रहे, बिल पूरा ही आता है,” यह बात क्षेत्र में आम चर्चा का विषय बनी हुई है। वहीं, बकाया बिल होने पर विभाग द्वारा कुर्की की कार्रवाई करने अधिकारी तुरंत पहुंच जाते हैं, लेकिन जब सप्लाई बंद रहती है तो कोई जिम्मेदार सामने नहीं आता।
गौरतलब है कि सिंग्रामपुर दमोह जिले की सीमा पर स्थित है और यहां विद्युत सप्लाई जबलपुर जिले से मिलती है। ऐसे में दोनों जिलों के बिजली विभाग के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा सीधे तौर पर स्थानीय जनता को भुगतना पड़ रहा है।
भीषण गर्मी में लगातार कटौती से बढ़ी परेशानी
सिंग्रामपुर ग्राम में इन दिनों भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तापमान बढ़ने के साथ बिजली की मांग भी बढ़ी है, लेकिन अनियमित सप्लाई के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, पहले इस क्षेत्र में बिजली आपूर्ति तेजगढ़ पावर हाउस लाइन से की जा रही थी, जहां वोल्टेज की समस्या पहले से बनी हुई थी। दमोह, तेजगढ़ और कटंगी—तीनों स्रोतों से जुड़ा होने के बावजूद भी लगातार बिजली गुल होना लोगों की समझ से परे है।
तकनीकी खामियां और परमिट में देरी बनी बड़ी वजह
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में कटंगी पावर हाउस लाइन में तकनीकी फॉल्ट आने के कारण समय पर परमिट नहीं मिल पा रहा है। इससे लाइन सुधार कार्य में देरी हो रही है और बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल नहीं हो पा रही है।
इस संबंध में कनिष्ठ यंत्री महेश कुमार महतो ने बताया कि कर्मचारी लगातार सुधार कार्य में लगे हुए हैं और सहयोग भी कर रहे हैं, लेकिन कटंगी पावर पॉइंट से समय पर परमिट नहीं मिलने के कारण सप्लाई बहाल करने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं कई घंटों से कटंगी-जमुनिया पावर हाउस में मौजूद हैं, इसके बावजूद परमिट जारी नहीं किया जा रहा है।
वहीं, कटंगी-पाटन विद्युत विभाग के मुख्य अधिकारी सौरभ त्यागी ने बताया कि सिंग्रामपुर की लाइन सड़क किनारे पेड़ों के बीच से होकर गुजरती है। नियमित मेंटेनेंस न होने के कारण आए दिन फॉल्ट की स्थिति बनती रहती है, जिससे बिजली सप्लाई प्रभावित होती है।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग करते हुए कहा है कि बिजली कटौती का निश्चित समय तय किया जाए, फॉल्ट सुधार कार्य में तेजी लाई जाए और कटंगी पावर पॉइंट से परमिट प्रक्रिया को सरल व तेज किया जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।