34 साल 57 ट्रांसफर अब हुए रिटायर आदरणीय IAS 1991 बैच अधिकारी आदरणीय अशोक खेमका महोदय।
#देश के सबसे ईमानदार अफसरों में शुमार हरियाणा कैडर के चर्चित IAS 1991 बैच अधिकारी अशोक खेमका रिटायर हो चुके है।
#लेकिन जाते-जाते आखिर में उन्होंने एक विनम्र माफी और एक ऐसा भावुक संदेश लिखा जिसने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया।
#IAS1991 बैच अधिकारी अशोक खेमका ने सोशल मीडिया पर अपने लंबे सफर को याद करते हुए लिखा कि उनका आईएएस करियर अब पूरा हो चुका है उन्होंने अपने परिवार सहकर्मियों और शुभचिंतकों का दिल से आभार जताया।
#विनम्र भाव से कहा कि अगर उनके किसी फैसले से किसी को भी ठेस पहुंची हो तो वे उसके लिए माफी चाहते हैं।
#इस जांबाज अधिकारी का करियर संघर्षों की एक ऐसी दास्तान है जिसे सुनकर कोई भी हैरान रह जाए 34 साल के करियर में उनका 57 बार तबादला किया गया यानी औसतन हर 7 महीने में उन्हें अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी?
#यह रिकॉर्ड तो यह भी कहता है कि 8 बार तो वे एक महीने का कार्यकाल भी पूरा नहीं कर पाए हाल ही में वे हरियाणा परिवहन विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद से रिटायर हुए जहां खुद परिवहन मंत्री अनिल विज उनकी विदाई में मौजूद रहे।
#अशोक खेमका साल 2012 में उस वक्त पूरे देश की सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने रॉबर्ट वाड्रा से जुड़े गुरुग्राम लैंड डील का म्यूटेशन रद्द कर दिया था एक ऐसा फैसला जिसने उस वक्त की सरकार को हिलाकर रख दिया था।
#कोलकाता के एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे खेमका ने IIT खड़गपुर से कंप्यूटर साइंस में टॉप किया था और उनके पास पीएचडी और एमबीए जैसी बड़ी डिग्रियां भी है वे चाहते तो बहुत आराम की जिंदगी जी सकते थे।
#लेकिन उन्होंने ईमानदारी और सिद्धांतों का कठिन रास्ता चुना। आज भले ही वे रिटायर हो गए हों लेकिन उनका ये बेदाग और निडर सफर आने वाले अफसरों के लिए IAS 1991 बैच अधिकारी आदरणीय अशोक खेमका महोदय हमेशा एक मिसाल बना रहेगा।
#भीष्म जैसा सामर्थ्य और विदुर जैसी बुद्धि भी व्यर्थ हैं अगर वक्त पर अन्याय के विरुद्ध आवाज़ ना उठाई जाए l
#आपकी शखसियत से ये सबक लेंगी नई नस्लें
डुबो देता है कोई नाम तक भी ख़ानदानों के
किसी के नाम से मशहूर होकर गाँव चलता है l
Sushant Kumar Khan
Executive Member of
Anti Corruption India