"गुरु तेग बहादुर जी जयंती: धर्म और मानवता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान"
गुरु तेग बहादुर जी, सिख धर्म के नौवें गुरु, ने अपने जीवन में मानवता और धर्म की रक्षा के लिए असाधारण बलिदान दिया। उन्होंने अत्याचार और धार्मिक कट्टरता के खिलाफ खड़े होकर उन लोगों के अधिकारों की रक्षा की, जो अपनी धार्मिक स्वतंत्रता खोने की कगार पर थे।
1675 में, मुगल शासक औरंगजेब ने धर्म परिवर्तन के लिए अत्याचार किए। गुरु तेग बहादुर जी ने इन पीड़ितों की रक्षा के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना उनका साथ दिया। उन्होंने अपनी अंतिम सांस तक धार्मिक स्वतंत्रता और मानवता की रक्षा की। उनका बलिदान दिल्ली के चांदनी चौक में हुआ, जहां उन्होंने सिर कटाकर धर्म और सत्य की रक्षा की।
गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान हमें सिखाता है कि सत्य, न्याय और मानवता के लिए अपने जीवन को समर्पित करना सबसे बड़ा धर्म है। उनकी जयंती पर हमें उनके आदर्शों को अपनाने और उनके बलिदान को याद करते हुए समाज में शांति और समानता फैलाने का संकल्प लेना चाहिए।
विकास पांडेय
मीरजापुर