सीमा सुरक्षा बल के डीआईजी ने भारत नेपाल सीमा बढ़नी का किया निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने का दिशा-निर्देश
सीमा सुरक्षा बल के डीआईजी ने भारत नेपाल सीमा बढ़नी का किया निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने का दिशा-निर्देश
गरीब शक्ति संवाददाता
बढ़नी सिद्धार्थनगर
भारत-नेपाल की संवेदनशील सीमा पर देश विरोधी गतिविधियों, तस्करी और घुसपैठ पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए सशस्त्र सीमा बल ने नया सुरक्षा घेरा तैयार किया है। शनिवार को सीमावर्ती क्षेत्र में आयोजित एक उच्च स्तरीय 'सैनिक सम्मेलन' में एसएसबी के महानिदेशक संजय सिंघल ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान सीमा प्रबंधन को अपग्रेड करने और जांच प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना पर मुहर लगाई गई।
बैठक के मुख्य बिंदुओं को साझा करते हुए डीआईजी गोरखपुर परिक्षेत्र मुन्ना सिंह ने बताया कि सीमा पर सुरक्षा के दूसरे चरण का आगाज किया जा रहा है। इसके तहत अब सीमाई रास्तों पर परमानेंट चेक पोस्ट की स्थापना की जाएगी, जिससे आने-जाने वालों की सघन जांच सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि नारकोटिक्स और जाली नोटों की धरपकड़ के लिए वर्तमान डॉग केनल की क्षमता का विस्तार किया जा रहा है, जिसमें दो अतिरिक्त प्रशिक्षित स्वान (डॉग्स) को तैनात किया जाएगा। डीआईजी ने स्पष्ट किया कि बॉर्डर वर्तमान में 'डाइल्यूटेड' है, जिसकी चुनौतियों से निपटने के लिए बॉर्डर इंट्रैक्शन टीम (BIT) को और अधिक सक्रिय किया जाएगा।
सुरक्षा के इस महामंथन में आईजी (एसएसबी) लखनऊ रतन संजय, डीआईजी मुन्ना सिंह, कमांडेंट (50वीं वाहिनी) संजय कुमार, कमांडेंट (43वीं वाहिनी) उज्ज्वल दत्ता, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन, क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी एवं नेपाल पुलिस के डीएसपी मोहन केसी प्रमुख रूप से शामिल हुए। इसके अलावा सहायक कमांडेंट (50वीं वाहिनी) संजय केपी, एसएसबी इंस्पेक्टर विनीत मान ,पीआरओ नरायनलाल श्रीवास्तव,थानाध्यक्ष ढेबरुआ दुर्गा प्रसाद , उपस्थित रहे।
चप्पे चप्पे पर एसएसबी के जवान एवं यूपी पुलिस के जवान मुस्तैद रहे।