रिपोर्ट
टाभाघाट टोल पर बड़ी लापरवाही उजागर: तय दर से 30% ज्यादा वसूली, मेयर ने की छापेमारी
देवघर: टाभाघाट टोल बैरियर पर वाहनों से अवैध वसूली का एक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे कई महीनों से वाहन चालकों से तय सीमा से 30 प्रतिशत अधिक शुल्क वसूला जा रहा था। लगातार मिल रही शिकायतों और सोशल मीडिया पर बढ़ते आक्रोश के बाद देवघर के मेयर रवि कुमार राउत ने शुक्रवार को मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया।
मुख्य बिंदु:
अवैध वसूली की पुष्टि: मेयर ने जब टोल पर कट रही रसीदों की जांच की, तो पाया कि निर्धारित दर से कहीं अधिक पैसे लिए जा रहे थे।
कार्यवाही के निर्देश: मेयर ने इस मामले में संलिप्त संवेदक (contractor) और टोल कर्मियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही करने के संकेत दिए हैं।
जनता की शिकायत: स्थानीय युवाओं और वाहन मालिकों का आरोप है कि यह खेल लंबे समय से चल रहा था, जिस पर अब जाकर एक्शन लिया गया है।
सुधार के कदम: अब सभी एंट्री पॉइंट पर रेट लिस्ट (शुल्क सूची) और शिकायत नंबर अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
निष्कर्ष (Conclusion)
इस पूरी घटना से यह स्पष्ट होता है कि स्थानीय स्तर पर निगरानी की कमी का फायदा उठाकर टोल माफिया आम जनता को लूट रहे थे। मेयर की इस सक्रियता से फिलहाल अवैध वसूली पर रोक तो लगी है, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नियमित ऑडिट और डिजिटल भुगतान प्रणाली को बढ़ावा देना आवश्यक है। साथ ही, दोषियों पर कड़ी कार्यवाही एक उदाहरण पेश करेगी ताकि सरकारी नियमों का उल्लंघन करने से पहले लोग सौ बार सोचें।