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गौशाला जांच में दबाव का आरोप: 50-60 लोगों की मौजूदगी में कराई गई जांच, निष्पक्षता पर उठे सवाल

अमेठी जनपद के विकास खंड क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत नुवावां की अस्थायी गौशाला एक बार फिर विवादों में आ गई है। गौशाला की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। शिकायतकर्ता महेश सिंह ने आरोप लगाया है कि जांच के दौरान नियमों की अनदेखी करते हुए 50-60 लोगों की भीड़ के बीच दबाव बनाकर जांच कराई गई, जिससे निष्पक्षता प्रभावित हुई।

शिकायतकर्ता द्वारा पूर्व में 15 दिसंबर 2025 को गौशाला से संबंधित शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसी के संदर्भ में 4 अप्रैल 2026 को जांच की गई। लेकिन शिकायतकर्ता का कहना है कि:
जांच अधिकारी, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और प्रधान प्रतिनिधि की मौजूदगी में
बड़ी संख्या में लोगों को मौके पर बुलाकर
आवेदक पर दबाव बनाते हुए मौके पर ही जांच कर दी गई
जबकि शिकायतकर्ता के पास पहले से फोटो और वीडियो जैसे अहम साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया।

मामले को गंभीरता से लेते हुए खंड विकास अधिकारी (BDO) अमेठी ने ग्राम पंचायत अधिकारी हेमा सिंह को नोटिस जारी कर दिया है।
4 अप्रैल को हुई जांच के दौरान बनी स्थिति पर
दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं
साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर कार्रवाई की जाएगी।

शिकायतकर्ता महेश सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा है कि:
“मामले की निष्पक्ष और बिना दबाव के जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।”

इस पूरे प्रकरण की सूचना निम्न अधिकारियों को भी भेजी गई है:
उप जिलाधिकारी, अमेठी
जिला पंचायत राज अधिकारी
जिला विकास अधिकारी
मुख्य विकास अधिकारी
जिलाधिकारी, अमेठी
🔥 बड़ा सवाल: यह है की
क्या गौशाला जांच में पारदर्शिता बरती गई या दबाव में काम हुआ?
अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

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