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रंगो का वास्तु दोष से संवंध

रंगों से भी घर में उत्पन्न होता है वास्तु दोष (डॉ.अजय कुमार पी. एच .डी.वास्तु शास्त्र) वास्तु शास्त्र के अनुसार हमारे जीवन में रंगों का बहुत महत्व होता है और वास्तु शास्त्र सिर्फ निर्माण तक ही सीमित नही है बल्कि इस मे रंगो का भी विशेष महत्व है और गलत रंगों का प्रयोग करने से घर या परिसर में वास्तु दोष उत्पन्न हो जाता है जिससे संपूर्ण परिवार कष्ट में होने लगता है। वास्तु शास्त्र पंच तत्वों के आधार पर कार्य करता है जल वायु अग्नि पृथ्वी और आकाश पंच
तत्व होते हैं हर तत्व का अपना एक रंग होता है सब कुछ अच्छा चल रहा होता है परिवार में चारों ओर से खुशहाली आ रही होती है और तभी भवन का नवीनीकरण/रिनोवेशन कराया जाता है घर में पुराने रंगों को नए रंगों से बदलते हैं और घर और कुछ ही समय बाद खुशहाल परिवार में परेशानियां आनी शुरू हो जाती है इसका मुख्य कारण पंच तत्वों की उन दिशाओं का विरोधी रंग कर दिया जाता है उत्तर दिशा में जल तत्व ,दक्षिण दिशा में अग्नि तत्तव, पूर्व दिशा में वायु तत्व, दक्षिण पश्चिम दिशा में पृथ्वी तत्व, तथा पश्चिम दिशा में आकाश तत्व माना गया है. सभी रंग कुछ दिशाओं के लिए प्रमुख तथा कुछ दिशाओं के लिए विरोधी रंग है और गलती से भी विरोधी रंग हो जाने पर वास्तु दोष उत्पन्न हो जाता है जल तत्व मे विरोधी रंग आने पर व्यापार में परेशानी तथा त्वचा संबंधी परेशानी हो सकती है,वायु तत्व में विरोधी रंग आने पर परिवार के समाज से रिश्ते खराब हो सकते हैं अग्नि तत्व में विरोधी रंग आने पर वित्तीय स्थिति पर प्रभाव पड़ने लगता है तथा मल्टीपल बीमारियां आ सकती है, पृथ्वी तत्व में विरोधी रंग आने पर परिवार में आपस में रिश्ते खराब होने लगते हैं, आकाश तत्व में विरोधी रंग आने पर परिवार की उन्नति रुक सकती है तथा व्यापार में लाभ मिलना बंद होने लगता है। कुछ रंग ऐसे भी हैं जो सभी दिशाओं में स्वीकार होते हैं तथा किसी प्रकार का कोई भी वास्तु दोष उत्पन्न नहीं करते। वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों के आधार पर नया घर बनाने रिनोवेशन करने या इंटीरियर डिजाइनिंग करने से पूर्व एक कुशल वास्तु शास्त्री की सलाह लेनी चाहिए तथावास्तु शास्त्र आधारित 16 दिशाओं वाला मानचित्र बनाकर सही दिशाओं का निर्धारण करके ही घर में किए जाने वाले रंगों का चयन करना चाहिए अथवा उन रंगो का उपयोग करना चाहिए जो सभी दिशाओं में स्वीकार हो और वास्तु दोष उत्पन्न ना हो। घर में इंटीरियर डिजाइनिंग के उपयोग से रंगो बनावटी सामग्री फर्नीचर तथा लाइटों का प्रयोग करके इमारत को परिवार अपने जीवन शैली के आधार पर अंदर से आकर्षित तथा सुंदर बनाते हैं किंतु इस सभी कार्य में वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों का भी मिश्रण कर दिया जाए तो घर के साथ-साथ परिवार का जीवन भी सुंदर तथा आकर्षक बनाया जा सकता है

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