कविता: सूरत दादाजी की
शेख जमीरुल हक खान चौधरी
सूरत दादाजी की
दिल में बस जाती है,
उनकी मीठी बातें
रूह को सहलाती हैं।
झुर्रियों में छुपी कहानी,
अनुभव का खज़ाना है,
हर एक शब्द उनका
जीवन का तराना है।
जब भी थाम लेते हैं
वो मेरा नन्हा हाथ,
लगता है जैसे मिल गया
मुझे सारा संसार साथ।
सफेद दाढ़ी, चमकती आँखें,
चेहरे पर सुकून सा है,
उनकी एक मुस्कान में
पूरा बचपन महकता है।
डांट भी उनकी प्यारी लगती,
सीखों से भरी होती है,
हर एक बात उनकी
जिंदगी की रोशनी होती है।
सूरत दादाजी की
कभी न भूल पाऊंगा,
उनके दिखाए रास्तों पर
मैं जीवन भर जाऊंगा।😊