US-ईरान सीजफायर से बाजार में राहत, लेकिन तेल और तनाव अभी भी बड़ा खतरा; 50 शेयरों पर ब्रोकरेज की नजर
अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम (Ceasefire) की घोषणा के बाद भारतीय शेयर बाजार में जोरदार राहत रैली देखने को मिली। इससे पहले युद्ध तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, महंगाई का डर और निवेशकों की घबराहट ने बाजार पर दबाव बना दिया था। लेकिन अब सीजफायर के बाद सेंटीमेंट में सुधार आया है, हालांकि रिकवरी अभी भी पूरी तरह मजबूत नहीं मानी जा रही। 
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार अब panic selling से selective buying mode में आ चुका है। यानी अब हर सेक्टर में तेजी नहीं, बल्कि मजबूत balance sheet, pricing power और घरेलू demand वाले चुनिंदा शेयरों में ज्यादा मौके बन रहे हैं। सबसे बड़ा फोकस अभी भी तेल की कीमतों और Strait of Hormuz से सप्लाई पर है, क्योंकि यही आगे inflation, ब्याज दर और कंपनियों के margins तय करेगा। 
ब्रोकरेज हाउसों ने करीब 50 शेयरों को अगले recovery phase के लिए बेहतर दांव बताया है। इनमें DLF, Godrej Consumer, Info Edge, Coforge, Dixon, Bharti Airtel, SBI, ICICI Bank, Infosys, Titan, HDFC Bank, L&T, Maruti Suzuki, Nestle India, Reliance Industries, Sun Pharma और Adani Ports जैसे मजबूत नाम शामिल हैं। इन शेयरों को consumption, banking, industrial और defensive themes का फायदा मिल सकता है। 
कुल मिलाकर, बाजार में फिलहाल geopolitical risk premium बना हुआ है। अगर सीजफायर लंबे समय तक टिकता है और तेल स्थिर रहता है तो बाजार में और रिकवरी देखने को मिल सकती है। लेकिन अगर तनाव दोबारा बढ़ा, तो फिर volatility तेज हो सकती है। इसलिए फिलहाल पूरे बाजार की जगह stock-specific strategy ज्यादा असरदार मानी जा रही है।