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मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने बालक भागीरथ के निधन पर शोक व्यक्त किया और मृत बालक के परिवार को 4 लाख की आर्थिक सहायता के निर्देश दिए

*मुख्यमंत्री डॉ यादव ने बालक भागीरथ के निधन पर शोक व्यक्त किया*
*मृत बालक के परिवार को 4 लाख को आर्थिक सहायता राशि दिये जाने के निर्देश दिये*

*उज्जैन/गिरधारी लाल गेहलोत जन जन की आवाज की खास खबर*

*22 घंटे से अधिक चले रेस्क्यू के बाद बोरवेल में फंसे 3 वर्षीय मासूम बालक भागीरथ को बाहर निकाला जा सका*

*रात और दिन में कलेक्टर श्री सिंह और पुलिस अधीक्षक ने घटना स्थल पर मौजूद रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन का मार्गदर्शन किया*

जिले की सभी बड़ी मशीनरी और इंजीनियरों को बुलाकर शुरू किया गया था रेसक्यू ऑपरेशन
उज्जैन, 10 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बालक भागीरथ की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है, उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। साथ ही मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। ज्ञात हो कि बड़नगर तहसील के ग्राम झलारिया में विगत देर शाम को राजस्थान के पाली में रहने वाले प्रवीण देवासी का दो वर्षीय पुत्र भागीरथ खेलते हुए खेत पर बने खुले बोरवेल में गिर कर करीब 60 फीट की गहराई में जाकर फंस गया था।
जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह के नेतृत्व में प्रशासन की टीमों ने मौके पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया था।
गुरुवार रात करीब 9:00 बजे से युद्ध् स्तर पर जारी रेस्क्यू ऑपरेशन शुक्रवार शाम 6 बजे तक जारी रहा। इस दौरान एसडीईआरएफ के जवान बोरवेल में फंसे बच्चे को निकालने के लिए मशक्कत करते रहे। वहीं भोपाल से एनडीईआरएफ की टीम भी रेस्क्यू के लिए झलारिया गांव पहुंच गई।
कई बार के लगातार प्रयास के बाद शुक्रवार शाम 6 बजे बच्चे को बोरवेल से मृत अवस्था में बाहर निकाला जा सका।
गुरुवार रात में घटना की सूचना मिलने के बाद से ही कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह और एसपी श्री प्रदीप शर्मा, अपर कलेक्टर श्री शाश्वत शर्मा, जिला पंचायत सीईओ श्री श्रेयांस कूमट सहित प्रशासनिक विभाग के अधिकारी मेडिकल टीम के सदस्य, पुलिस पुलिस बल, क्यूआरएफ की टीम के साथ ही मौके पर दो एंबुलेंस भी तैयार रखी गई थी।
कलेक्टर श्री सिंह और एसपी श्री शर्मा गुरुवार रात से लेकर शुक्रवार शाम तक रेस्क्यू आपरेशन के दौरान मौके पर मौजूद रहे।

बड़नगर तहसील के ग्राम झलारिया गांव में दो वर्षीय मासूम भागीरथ को बोरवेल से निकालने के लिए रेस्क्यू टीम द्वारा बोरिंग में रस्सी और लोहे की राड डालकर बच्चे को ऊपर लाने के कई प्रयास किए गए, लेकिन हर बार कुछ ना कुछ परेशानी के कारण बोरिंग के होल से बच्चे को बाहर नहीं लाया जा सका।
रेस्क्यू ऑपरेशन के साथ बोरिंग होल के समानांतर सुरंग खोदने का काम भी पांच जेसीबी और पोकलेन मशीनों के माध्यम से किया जा रहा था। कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह के निर्देश के बाद सुरंग खोदने का काम तेजी से शुरू किया गया।
कलेक्टर श्री सिंह और पुलिस अधीक्षक श्री शर्मा रात भर जागते रहे।
कलेक्टर श्री रोशन कुमार सिंह के घटना मौके पर पहुंचने के बाद युद्ध स्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू हो गया।
कलेक्टर श्री सिंह और पुलिस अधीक्षक श्री शर्मा के मार्गदर्शन में सभी निर्माण एजेंसियों की मशीनों और उनके इंजीनियरों को तत्काल बड़नगर बुलाया गया और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। ऑपरेशन शुरू होने के पहले एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के अधिकारियों से चर्चा भी की गई और व्यवस्थित प्लान बनाकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ।
जिले की सभी मशीनरी को बुलाकर सुरंग खोदने की कार्रवाई भी शुरू की गई और इसी के साथ एसडीआरएफ की टीम के द्वारा बच्चे को बोरवेल से निकालने के दूसरे प्रयास भी जारी रहे। इसके साथ ही बोरवेल में बच्चे को जीवित रखने के लिए ऑक्सीजन सप्लाई भी लगातार की जाती रही थी।
बोरवेल में पानी अधिक होने के कारण समस्या हो रही थीं। कई बार रस्सी और अन्य यंत्रों से प्रयास करने के बाद भी बच्चे को निकालने के प्रयास सफल नहीं हो पा रहे थे। इसके साथ ही सुरंग की खुदाई भी जारी थी।
इस दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने भी मौके पर उपस्थित रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए सुरंग के रास्ते जल्दी बच्चे को बाहर लाने के लिए रेस्क्यू टीम के सदस्यों का मार्गदर्शन करते रहे। बच्चे के बोरवेल में गिरने की खबर के बाद से ही घटनास्थल पर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की भीड़ लगी रही। क्षेत्रीय विधायक श्री जितेंद्र पंड्या भी मौके पर मौजूद रहे।
देर शाम को जगी उम्मीद, सांस थाम कर अधिकारी और लोग डटे रहे
मासूम भागीरथ को बोरवेल में से निकालने के लिए चल रहे रेस्क्यू के दौरान बोरवेल से पानी की मोटर निकालने वाले उपकरणों की सहायता से बोरवेल में फंसे बच्चे को रस्सी के सहारे एक बार फिर बोरवेल से बाहर लाने की कवायद शुरू हुई। मशीन के सहारे धीरे-धीरे बच्चों को ऊपर लाने के प्रयास सफल होता देख समानांतर सुरंग खोदने के लिए लगी जेसीबी और पोकलेन मशीन को बंद करवा कर मशीन के सहारे बिल्कुल धीरे-धीरे बच्चे को बाहर निकाला गया। करीब 1 घंटे चले अंतिम रेस्क्यू ऑपरेशन में अधिकारियों के साथ ही मौके पर मौजूद ग्रामीण जन सांसे थाम कर बालक भागीरथ के बाहर आने का बेसब्री से इंतजार करते रहे। अंततः वह समय भी आया जब शाम 6:20 बजे बच्चे को बोरिंग होल से बाहर निकाल लिया गया।
डॉक्टरों की टीम भी मौके पर तैनात रही। बच्चे को बोरवेल से निकलते ही तुरन्त हॉस्पिटल के लिए रवाना किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार पटेल ने बताया कि बड़नगर हॉस्पिटल में बच्चे का परीक्षण किया गया।
बच्चे की पानी में डूबने से मौत हो चुकी थी। मृत बच्चे के शव का परीक्षण करने के बाद बच्चे के पार्थिव शरीर को उनके माता-पिता को सौंप दिया गया।

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