बंगाल चुनाव से पहले EC-TMC बैठक में बवाल, डेरेक ओ’ब्रायन बोले— CEC ने कहा ‘Get Lost’
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले बुधवार सुबह तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर SIR, मतदाता सूची और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल में डेरेक ओ’ब्रायन, मेनका गुरुस्वामी, साकेत गोखले और सागरिका घोष शामिल थे। 
बैठक के दौरान माहौल उस वक्त गरमा गया जब सूत्रों के मुताबिक डेरेक ओ’ब्रायन और चुनाव आयुक्तों के बीच तीखी बहस हुई। आयोग की ओर से आरोप लगाया गया कि डेरेक ने ऊंची आवाज में बात की और मुख्य चुनाव आयुक्त को बोलने से रोकने की कोशिश की। वहीं CEC ने बैठक कक्ष की गरिमा बनाए रखने और शालीनता बरतने की नसीहत दी। 
इसी बीच चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक कड़ा संदेश जारी करते हुए कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल में चुनाव भय, हिंसा, धमकी, प्रलोभन, बूथ जामिंग और किसी भी तरह की गड़बड़ी से पूरी तरह मुक्त होंगे। आयोग ने साफ कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के लिए किसी भी दबाव या दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 
हालांकि बैठक के बाद डेरेक ओ’ब्रायन ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि पूरी बैठक सिर्फ 7 मिनट चली और मुख्य चुनाव आयुक्त ने उन्हें “Get Lost” कहकर बाहर जाने को कहा। उन्होंने कहा कि संसद की दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के साथ ऐसा व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। 
वहीं TMC की राज्यसभा उपनेता सागरिका घोष ने चुनाव आयोग के X पोस्ट को पूरी तरह झूठा करार देते हुए कहा कि बैठक में CEC ने सिर्फ दो बातें कहीं—
“आपका अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता कहाँ है?” और फिर “Get Lost.”