शाहजहांपुर में डीपीओ पर आरोप सही, आंगनबाड़ी कार्यकत्री की मौत मामले में कार्रवाई के आदेश
शाहजहांपुर:
सदर क्षेत्र के गदियाना निवासी आंगनबाड़ी कार्यकत्री प्रीति की मौत के मामले में प्रशासनिक जांच में जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) पर लगे आरोप सही पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने निदेशक बाल विकास को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा था, जिसके बाद संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
जांच में सामने आया कि डीपीओ अरविंद कुमार पर कार्यकत्री के साथ अभद्रता करने और उनके खाते को समय से अपडेट न करने के आरोप सही हैं। बताया गया कि प्रीति का मानदेय लंबे समय तक इसलिए नहीं जा सका क्योंकि खाते में बदलाव की प्रक्रिया लंबित रही, जिसकी जिम्मेदारी डीपीओ स्तर पर तय हुई है।
मृतका की बेटी स्मिता ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि उनकी मां को कई महीनों से वेतन नहीं मिला और कार्यालय में उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता था, जिससे वह मानसिक तनाव में थीं। हालांकि जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि बीएलओ ड्यूटी के दौरान उन्हें भुगतान मिल रहा था और खाता परिवर्तन तहसील स्तर पर किया गया था।
जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच नगर मजिस्ट्रेट से कराई थी। रिपोर्ट के आधार पर अब कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं, घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ राजनीतिक दलों ने भी परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया था।