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कांग्रेस के आरोपों की खुली पोल: रिणिकी भुइयां सरमा का ‘मिस्र पासपोर्ट’ निकला फर्जी, दुबई संपत्ति के असली मालिक भी सामने

असम की राजनीति में चुनाव से पहले बड़ा विवाद खड़ा करने वाले कांग्रेस के आरोप अब सवालों के घेरे में आ गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिणिकी भुइयां सरमा के खिलाफ लगाए गए आरोपों की सच्चाई कुछ ही घंटों में सामने आ गई। कथित तौर पर कांग्रेस द्वारा दिखाया गया रिणिकी भुइयां सरमा का मिस्र का पासपोर्ट पूरी तरह फर्जी साबित हुआ है, जिसकी जानकारी मिस्र दूतावास ने केंद्र सरकार को दी है। 

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पहले ही साफ कर दिया था कि इन आरोपों की जांच के लिए भारत सरकार ने मिस्र और एंटीगुआ की सरकारों से संपर्क किया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने मिस्र के एक नागरिक के खोए हुए पासपोर्ट आईडी नंबर का इस्तेमाल कर जालसाजी की, और इसे एआई तथा डिजिटल मैनिपुलेशन के जरिए फर्जी दस्तावेज़ की तरह पेश किया गया। 

इतना ही नहीं, कांग्रेस द्वारा रिणिकी भुइयां सरमा के नाम से बताई गई दुबई की कथित संपत्ति का सच भी सामने आ गया है। जांच में पता चला कि वह संपत्ति दुबई के दो अलग-अलग लोगों—फातिमा सुलेमान एम अलसोबाई फातिमा और मोहम्मद मजीद नासिर—के नाम पर दर्ज है, और उसका रिणिकी भुइयां सरमा से कोई संबंध नहीं है। 

गौरतलब है कि कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया था कि रिणिकी भुइयां सरमा की अमेरिका में 52 हजार करोड़ रुपये की कंपनी है और उनके पास यूएई, मिस्र और एंटीगुआ की नागरिकता है। हालांकि मुख्यमंत्री ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यूएई सरकार ने भी स्पष्ट कर दिया है कि ऐसा कोई पासपोर्ट या नागरिकता रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। 

अब यह मामला चुनावी राजनीति में फर्जी दस्तावेज़ और दुष्प्रचार के बड़े मुद्दे के रूप में देखा जा रहा है।

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