श्रमायुक्त की अधिसूचना का पालन नही किया तो पुनः आंदोलन करेंगे।
श्रमायुक्त की अधिसूचना का पालन नही किया तो पुनः करेंगे आंदोलन : बुरहानपुर मज़दूर यूनियन
रिपोर्टर -
भगवानदास शाह
जिला बुरहानपुर
मध्यप्रदेश
बुरहानपुर । संयुक्त कलेक्टर कार्यालय में बुरहानपुर मजदूर यूनियन के प्रतिनिधियों एवं समस्त प्रभावित टेक्सटाइल श्रमिकों की जिला श्रम अधिकारी के साथ महत्वपूर्ण वार्ता हुई। इस बैठक में श्रमायुक्त मध्य प्रदेश, इंदौर द्वारा 3 मार्च 2026 को जारी नवीनतम अधिसूचना (क्रमांक 1/11/जनवरी/2024/6645-6650) के अनुसार 01 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक लागू परिवर्तनशील महंगाई भत्ता (VDA) सहित बढ़े हुए न्यूनतम वेतन का तत्काल अनुपालन, अप्रैल 2024 से लंबित एरियर भुगतान तथा बुरहानपुर टेक्सटाइल एसोसिएशन (कारखाना मालिकों) के साथ संयुक्त बैठक आयोजित करने की मांग रखी गई।
बुरहानपुर मज़दूर यूनियन अध्यक्ष ठाकुर प्रियांक सिंह ने कहा बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि लंबी चर्चा के बावजूद जिला श्रम अधिकारी की ओर से कोई ठोस निर्णय या लिखित आश्वासन नहीं दिया गया। श्रम अधिकारी ने केवल “मामले को उच्चाधिकारियों को भेजने” की बात कही, जिससे श्रमिकों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
ठाकुर प्रियांक सिंह ने बताया कि श्रमायुक्त की नई अधिसूचना स्पष्ट है। अकुशल श्रमिक को 12,425 रुपये, अर्द्धकुशल को 13,421 रुपये, कुशल को 15,144 रुपये और उच्चकुशल को 16,769 रुपये प्रतिमाह (VDA 2,850 रुपये सहित) देने का कानूनी प्रावधान है। फिर भी आज की बैठक में कोई निर्णय नहीं निकला। हमने 18 महीनों से संघर्ष किया हड़ताल, ज्ञापन, हाईकोर्ट रिट याचिका, सभा, प्रदर्शन, इत्यादि। आज फिर मजदूरों के साथ अन्याय हो रहा है। जल्द ही एरियर सहित बढ़ा हुआ वेतन नहीं मिला और टेक्सटाइल एसोसिएशन के साथ संयुक्त बैठक नहीं हुई तो पूरे बुरहानपुर में पुनः कामबंद हड़ताल के साथ राज्यव्यापी आंदोलन अपरिहार्य होगा।
मुख्य मांगें जो बैठक में रखी गईं :
1. 01 अप्रैल 2024 से अब तक का पूरा एरियर + अप्रैल 2026 से नई वेतन दरों (VDA सहित) का तत्काल भुगतान।
2. बुरहानपुर जिले के सभी टेक्सटाइल कारखाना मालिकों/टेक्सटाइल एसोसिएशन को लिखित आदेश जारी कर अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
3. बुरहानपुर मजदूर यूनियन, श्रमिक प्रतिनिधियों एवं कारखाना मालिकों के बीच संयुक्त बैठक का तत्काल आयोजन।
4. न्यूनतम वेतन अधिनियम के उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई (जुर्माना एवं दंड)।
मजदूर यूनियन प्रतिनिधि रुपेश वर्मा, बंटी अंकारे ने कहा कि बैठक में कोई निर्णय न निकलने से स्पष्ट है कि प्रशासन अभी भी उद्योगपतियों के पक्ष में खड़ा है। रुपेश वर्मा, जुनैद अली ने श्रमिकों से अपील करते हुए कहा कि वे एकजुट रहें और किसी भी आंदोलन के लिए तैयार रहें। हम हाईकोर्ट से भी याचिका संबंधित निर्णय को स्पष्ट करने के लिए प्रयासरत हैं।