जमशेदपुर रेल प्रशासन के फैसले के खिलाफ तपती धूप में भी डटे प्रदर्शनकारी, धरना जारी
जमशेदपुर
रेल प्रशासन द्वारा धरना स्थल बदलने और प्रदर्शनकारियों के बैनर फाड़े जाने के बावजूद आंदोलनकारियों का हौसला कमजोर नहीं पड़ा है। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को जिस नए स्थान पर बैठने की अनुमति दी, वहां तेज धूप और गर्मी के बीच भी लोग अपने मांगों को लेकर मजबूती से डटे हुए हैं।
धरना दे रहे लोगों का आरोप है कि रेल प्रशासन ने जानबूझकर उन्हें ऐसे स्थान पर भेजा, जहां सूर्य की तीखी किरणें सीधे पड़ रही हैं, ताकि वे मजबूर होकर धरना खत्म कर दें। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रशासन को लगा होगा कि कड़ी धूप और असुविधा के कारण आंदोलन स्वतः ही समाप्त हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि वे घंटों से तेज धूप में बैठे हैं, पसीने से लथपथ हैं, लेकिन उनके इरादे अडिग हैं। “धूप और पसीना हमारे संकल्प को कमजोर नहीं कर सकता,” एक प्रदर्शनकारी ने कहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बैनर फाड़ना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है और इससे उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई है।
स्थल पर मौजूद तस्वीरें इस बात की गवाही देती हैं कि लोग कठिन परिस्थितियों के बावजूद शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। कई लोग सिर पर गमछा या कपड़ा रखकर धूप से बचने की कोशिश करते दिखे, वहीं कुछ लोग पानी की व्यवस्था कर एक-दूसरे का सहारा बन रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे किसी भी परिस्थिति में धरना जारी रखेंगे। उन्होंने प्रशासन से बातचीत कर समाधान निकालने की अपील भी की है।
वहीं, इस पूरे मामले पर रेल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।