सलूंबर में 'रहस्यमयी' बुखार का कहर: 3 दिन में 5 मासूमों की मौत, 20 बच्चों की हालत गंभीर
अजमेर/सलूंबर | 07 अप्रैल, 2026 राजस्थान के नवगठित सलूंबर जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। जिले के लसाड़िया उपखंड में अज्ञात बुखार ने कोहराम मचा रखा है। पिछले मात्र तीन दिनों के भीतर 5 बच्चों की मौत हो चुकी है, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत और शोक का माहौल है। प्रशासन अब हरकत में आया है और प्रभावित गांवों में मेडिकल इमरजेंसी जैसी स्थिति बनी हुई है।
घटना का मुख्य विवरण
लसाड़िया उपखंड की ग्राम पंचायत घाटा और लालपुरा इस बीमारी का केंद्र बनी हुई हैं। मरने वाले बच्चों की उम्र मात्र 5 से 8 साल के बीच है। प्राप्त जानकारी के अनुसार:
मृतक बच्चों की पहचान: लच्छीराम (8), दीपक (5), सीमा (5), राहुल (8) और नानी (5) के रूप में हुई है।
गंभीर स्थिति: वर्तमान में लगभग 20 बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिनका इलाज जारी है।
सैंपल जांच: बीमारी के असली कारणों का पता लगाने के लिए 16 बच्चों के ब्लड सैंपल आरएनटी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर भेजे गए हैं।
ग्रामीणों का आक्रोश: "समय पर नहीं मिला इलाज"
गांव वालों में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रति भारी रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय सीएचसी (CHC) में डॉक्टरों की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के कारण बच्चों को समय पर इलाज नहीं मिल सका, जिससे उनकी जान चली गई। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते उचित चिकित्सा सहायता मिलती, तो इन मासूमों को बचाया जा सकता था।
प्रशासन और सरकार की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सीधे निर्देश जारी किए हैं।
डोर-टू-डोर सर्वे: चिकित्सा विभाग की टीमों ने प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर सर्वे शुरू कर दिया है ताकि संदिग्ध मरीजों की पहचान की जा सके।
उच्चाधिकारियों का दौरा: कलेक्टर मोहम्मद जुनेद पीपी और एसडीएम लसाड़िया दिनेश आचार्य ने देर रात गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
कड़े निर्देश: कलेक्टर ने चिकित्सा अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
"स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों में तैनात कर दी गई हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के सटीक कारणों का पता चलेगा। फिलहाल स्थितियां नियंत्रण में हैं।" > — मोहम्मद जुनेद, कलेक्टर, सलूंबर
स्वास्थ्य विभाग की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के बुखार, शरीर में दर्द या कमजोरी के लक्षण दिखने पर तुरंत मेडिकल टीम को सूचित करें और घरेलू नुस्खों के बजाय सरकारी अस्पताल में संपर्क करें। फिलहाल पूरी लसाड़िया बेल्ट में 'वायरल बुखार' का असर देखा जा रहा है, जिसकी जांच रिपोर्ट का इंतजार है।