स्मार्ट बिजली मीटर पर बड़ा फैसला: अब प्रीपेड अनिवार्य नहीं, उपभोक्ताओं को मिलेगी पसंद की आज़ादी
लखनऊ ( मिर्जापुर)। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) ने स्मार्ट बिजली मीटरों को लेकर एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव किया है, जिससे देशभर के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है।
सीईए द्वारा जारी संशोधित नियमों के अनुसार अब स्मार्ट मीटर में प्रीपेड बिलिंग प्रणाली को अनिवार्य नहीं रखा गया है। यानी उपभोक्ताओं को अब यह स्वतंत्रता होगी कि वे प्रीपेड या पोस्टपेड—किसी भी बिलिंग मोड का चयन कर सकें। 🔹 क्या बदला?
पहले स्मार्ट मीटर के साथ प्रीपेड सिस्टम को अनिवार्य बनाने की दिशा में काम हो रहा था।
अब नए नियमों में इस अनिवार्यता को हटा दिया गया है।
उपभोक्ता अपनी सुविधा अनुसार बिल भुगतान प्रणाली चुन सकेंगे।
🔹 क्यों लिया गया फैसला?
यह निर्णय उपभोक्ता संगठनों और बिजली उपभोक्ताओं की लगातार आपत्तियों के बाद लिया गया है।
उपभोक्ताओं का कहना था कि प्रीपेड सिस्टम को अनिवार्य करना उनकी आर्थिक और व्यवहारिक स्वतंत्रता को सीमित करता है।
🔹 क्या रहेगा आगे?
एडवांस्ड मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (AMI) सिस्टम के तहत प्रीपेड फीचर बना रहेगा, लेकिन अब यह वैकल्पिक (Optional) होगा।
स्मार्ट मीटर का उपयोग जारी रहेगा, लेकिन भुगतान का तरीका उपभोक्ता तय करेगा।
🔹 उपभोक्ताओं के लिए क्या मायने?
इस बदलाव से:
उपभोक्ताओं को बिल भुगतान में लचीलापन मिलेगा
अचानक रिचार्ज खत्म होने से बिजली कटने जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी
पारदर्शिता और सुविधा दोनों में सुधार होगा
👉 कुल मिलाकर, सीईए का यह फैसला उपभोक्ता हित में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे बिजली व्यवस्था में संतुलन और विकल्प की स्वतंत्रता दोनों को बढ़ावा मिलेगा।